Twitter के आरोपों पर केंद्र सरकार का करारा जवाब, कहा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र किसी कंपनी की…

भारत सरकार और माइक्रोब्लॉग्गिंग प्लेटफार्म के बीच पिछले कई दिनों से तनातनी बरक़रार है. इतना ही नहीं सोशल मीडिया पर ये हवा भी चल गयी कि जल्द ही फेसबुक, ट्विटर और instagram बंद हो जायेंगे. इसी बीच सरकार ने ट्विटर के आरोपों पर अपनी कड़ी प्रतिक्रिया दी है और करारा जवाब दिया है. जिसे जानने के बाद ट्विटर के भी सुर बदल जायेंगे.

जानकारी के लिए बता दें आईटी मंत्रालय का कहना है कि ट्विटर के डराने धमकाने वाले आरोप झूठे और बेबुनियाद हैं. वहीँ दिल्ली पुलिस ने भी ट्विटर के बयान को मिथ्या करार दिया है. ट्विटर ने कहा था कि ‘अपनी सेवा उपलब्ध रखने के लिए, हम भारत में लागू कानून का पालन करने की कोशिश करेंगे. लेकिन, बिलकुल वैसे जैसा कि हम दुनियाभर में करते हैं, हम पारदर्शिता के सिद्धांतों, सेवा पर हर आवाज को सशक्त बनाने की प्रतिबद्धता और कानून के शासन के तहत अभिव्यक्ति की आजादी और गोपनीयता की रक्षा के लिए कड़ाई से निर्देशित होते रहेंगे लेकिन हम पुलिस के धमकाने की रणनीति से चिंतित हैं.

ट्विटर के इन आरोपों के बाद सरकार ने फटकार लगाई है. आईटी मंत्रालय ने गुरुवार को कहा है कि ट्विटर अपने कदम के जरिये जानबूझकर आदेश का पालन नहीं करके भारत की कानून व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रहा है. इसी के साथ सरकार ने कहा है कि कपंनी के शर्तों पर नहीं चलेगा दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र. उनका कहना है कि ट्विटर दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र पर अपनी शर्तें थोपने का प्रयास कर रहा है.

गौरतलब है कि ट्विटर ने नए आईटी कानूनों के बाद कहा कि ‘हम भारत में अपने कर्मचारियों के संबंध में हाल की घटनाओं और जिन लोगों को हम सेवा मुहैया कराते हैं, उनके लिए अभिव्यक्ति की आजादी को संभावित खतरे से चिंतित हैं. हम, भारत और दुनियाभर में सिविल सोसाइटी के बहुत से लोगों के साथ, हमारी वैश्विक सेवा शर्तों को लागू करने के जवाब में पुलिस द्वारा धमकाने की रणनीति के इस्तेमाल के संबंध में चिंतित हैं.’