आर्टिकल 370 पर दिग्विजय सिंह के बयान से बैकफुट पर कांग्रेस, जनता की नज़रों में नहीं बनना चाहती देश विरोधी पार्टी इसलिए…

क्लब हाउस चैट में आर्टिकल 370 पर दिए गए दिग्विजय सिंह के बयान के बाद कांग्रेस बैकफुट पर है. कांग्रेस अच्छी तरह से जानती है कि आर्टिकल 370 के मुद्दे पर जनभावना सरकार के साथ है. ऐसे में कांग्रेस दिग्विजय सिंह के बयान का समर्थन कर किसी भी तरह जनता की नज़रों में देश विरोधी नहीं बनना चाहती. कश्मीर समस्या के लिए पहले से ही कांग्रेस लोगो के निशाने पर रहती है और इसके लिए नेहरु को जिम्मेदार ठहराया जाता रहा है. इसलिए कांग्रेस के लिए ये मुद्दा एक गरम तवे के जैसा है. दिग्विजय सिंह के बयान पर कांग्रेस में सन्नाटा पसरा है वहीँ दूसरी तरफ कांग्रेस के ही सदस्य अपरोक्ष रूप दिग्विजय सिंह पर हमलावर भी हैं.

कांग्रेस के अन्दर से ये भी कहा जा रहा है कि दिग्विजय सिंह पार्टी में किसी भी आधिकारिक पद पर नहीं हैं. इसलिए उनके बयान को व्यक्तिगत बता कर उससे किनारा किया जा रहा है. कांग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह का कहना है, ” कश्मीर में धारा 370 वापस लागू करना संभव नहीं है. कश्मीरी पंडितों और तथाकथित आरक्षण के बारे में बोले गए शब्द दुर्भाग्यपूर्ण है. यह सब सीमा पार के एक पत्रकार से कहा गया. एक ऐसा राष्ट्र जिसने हमें शांति से रहने नहीं दिया.” लक्षमण सिंह की पत्नी खुद एक कश्मीरी पंडित हैं. लक्षमण सिंह, दिग्विजय सिंह के छोटे भाई हैं.

कांग्रेस ने एक अन्य नेता ने कहा कि “दिग्विजय सिंह का ये बयान उत्तर प्रदेश विधानसभा में पार्टी को नुकसान पहुंचा सकता है. समझ नहीं आता कि पार्टी के कुछ नेता ऐसे बयान देते क्यों है? क्या उन्हें पार्टी की की चिंता नहीं?” भाजपा भी दिग्विजय सिंह पर उग्र रूप से हमलावर है. जम्मू और कश्मीर के प्रदेश भाजपा अध्यक्ष रवीन्द्र रैना ने कहा है कि दिग्विजय अगर 100 जन्म भी लें लें तो भी वो जम्मू-कश्मीर में आर्टिकल 370 लागू नहीं करवा सकतें.