पेट्रोल-डीजल के बाद सब्जियों की कीमतों में आई तेजी, आलू, प्याज और टमाटर के दाम 4 गुना तक बढ़े

सब्जी मंडी (प्रतीकात्मक फोटो)सब्जी मंडी (प्रतीकात्मक फोटो)

दिल्ली समेत देशभर में महंगाई की मार जारी है। पेट्रोल-डीजल (Petrol Diesel Price) की कीमत बेहताशा बढ़ने के बाद अब फल-सब्जियों (Vegetables Price Increased) के दाम में आग लग रही है। इसकी वजह ये है कि देश के कई राज्यों में बारिश और बाढ़ (Rain) जैसे हालात उत्पन्न हो रहे है। इसके कारण हरी सब्जियों (Vegetables) को भारी नुकसान पहुंचा है। इससे बाजार में आवक कम हो गई है। इसका नतीजा हमें सब्जियों के दाम में वृद्धि देखने को मिल रहा है। पिछले महीने 5 रुपये किलो के रेट पर बिक रहा टमाटर (Tomato) अब 40 रुपये तक के भाव को छू रहा है। प्याज (Onion) भी इसी रेट पर बिकने लगी है। हालांकि सब्जियों के महंगा होने से किसानों को ज्यादा फायदा नहीं मिल रहा है। कृषि एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था के विशेषज्ञ बिनोद आनंद के मुताबिक किसान से ज्यादा पैसा बिचौलिए और रिटेलर कमाते हैं। किसानों को सब्जियों का जो दाम मिलता है, रिटेलर उससे दो से पांच गुना अधिक दाम पर बेचते हैं।

प्याज और टमाटर के भाव में इजाफा

किसानों के यहां से जो आलू 8 रुपये किलो पर बिक रहा है वो बाजार में 20 रुपये किलो से कम होने का नाम नहीं ले रहा। बात करें दिल्ली-एनसीआर की तो यहां लोगों पर पहले से ही महंगाई पड़ रही थी लेकिन सब्जियों के दाम ने उनकी कमर तोड़ दी है। क्योंकि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में टमाटर और प्याज का रिटेल प्राइस 45-45 रुपये है. जबकि आलू 30 रुपये बिक रहा है। दिल्ली की आजादपुर सब्जी मंडी में 21 जून को आलू का थोक दाम 18 रुपये किलो तक पहुंच गया था। आजादपुर मंडी में प्याज 27.50 रुपये जबकि टमाटर का थोक भाव 18 रुपये प्रति किलो रहा। देश में महंगाई बढ़ाने में टॉप सब्जियों के दाम का अहम योगदान होता है। इन दिनों इनमें से दो के दाम में तेजी से इजाफा हो रहा है।

किसान सब्जियों की फसल उखाड़कर उसमें धान की रोपाई की तैयारी में जुटे

कई राज्यों में लगातार बारिश की वजह से गांवों में लोगों के खेतों से सब्जियां निकलनी या तो बहुत कम हो गई हैं या फिर बंद हो गई हैं। कुछ लोग सब्जियों की फसल उखाड़कर उसमें धान की रोपाई की तैयारी में जुटे हुए हैं। इसकी वजह से करेला, लौकी और भिंडी जैसी सब्जियों के दाम में भी वृद्धि हो गई है। इसकी वजह से ही टमाटर के दाम में भी तेजी देखने को मिल रही है। इस साल आए दो चक्रवातों के असर से हुई बारिश में प्याज की काफी फसल तबाह हो गई है। इसलिए प्याज के दाम भी गांवों में 40 तो शहरों में 45 रुपये किलो तक पहुंच गया है।