बेरोजगारों के लिए मसीहा बना ये प्राइवेट बैंक, कोरोना महामारी में रोजगार गंवाने वाले 400 से अधिक लोगों को दी अस्थायी नौकरियां

बैंक नौकरियां

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नई दिल्ली। कोविड-19 महामारी (Corona virus Pendamic) के दौरान रोजगार गंवाने वाले लोगों की मदद के लिए फेडरल बैंक (Federal Bank) ने एक विशेष पहल की है। बैंक ने केरल में अपनी शाखाओं में ऐसे 400 लोगों को 18,000 रुपये मासिक वेतन पर अस्थायी नौकरियां उपलब्ध कराई हैं। फेडरल बैंक के मुख्य मानव संसाधन अधिकारी अजित कुमार केके ने बताया कि इन लोगों को 'कोविड वार्डन' का पद दिया गया है। इनका काम शाखाओं (Branches) में आने वाली भीड़ को संभालना और उन्हें मास्क तथा सैनिटाइजर (Mask and Sanitizers) उपलब्ध कराना है। केके ने कहा आजीविका उपलब्ध कराने से संबंधित यह परियोजना अगस्त, 2020 में कॉरपोरेट सामाजिक दायित्व (Corporate social responsibility) के तहत शुरू की गई थी। यह अब भी जारी है। उन्होंने कहा कि यह अस्थायी रोजगार है, पूर्णकालिक नौकरी नहीं है। उन्होंने कहा कि बैंक इन लोगों को 18,000 रुपये मासिक का वेतन दे रहा है। इन लोगों के वेतन पर पिछले 10 माह में छह करोड़ रुपये खर्च हुए हैं।

सिर्फ केरल के लिए ही क्‍यों?

उनकी मानें तो भीड़ को संभालना कई शाखाओं पर एक बड़ा मसला बन गया था क्‍योंकि राज्‍य सरकार ने एक समय पर पांच से ज्‍यादा लोगों की Entry को बैन कर दिया था। केरल में ये पहल इसलिए की गई थी क्‍योंकि उस समय राज्‍य में महामारी के केसेज लगातार बढ़ रहे थे। साथ ही अलग-अलग ब्रांचों पर ग्राहकों की संख्‍या में भी इजाफा हो रहस था। वहीं दूसरे राज्‍यों में कोविड वॉर्डन (covid warden) को हायर नहीं किया गया था क्‍योंकि यहां पर सुरक्षाकर्मी ही भीड़ को मैनेज कर रहे थे। फेडरल बैंक कोच्चि स्थित बैंक है और इसने 2020-2021 के वित्‍तीय वर्ष में सीएसआर फंड के तहत 35 करोड़ रुपए तय किए थे। बैंक को उम्‍मीद है कि वर्तमान वित्‍त वर्ष में ये बजट 40 करोड़ रुपए का होगा। बैंक पिछले 10 सालों से CSR से जुड़ी पहल को आगे बढ़ाता आ रहा है। इन कामों को फेडरल बैंक हॉर्मिज मेमोरियल फाउंडेशन के जरिए पूरा किया जाता है।