बिहार : नीतीश से पंगा ले कर अकेले पड़े चिराग पासवान, लोजपा में बगावत, 6 में से 5 सांसद जेडीयू में जाने को तैयार

बिहार में अकेले विधानसभा चुनाव लड़ने के बाद से ही लोक जनशक्ति पार्टी के सुप्रीमों चिराग पासवान के सितारे गर्दिश में चल रहे हैं. विधानसभा चुनाव में उन्हें कोई सीट नहीं मिली. एकमात्र MLC जो थे वो भी जेडीयू में शामिल हो गए. नीतीश कुमार को हारने की कोशिश इतनी भारी पड़ी कि NDA में भी उनके लिए जगह नहीं बची. और अब खुद चिराग को उन्ही की पार्टी से बाहर निकालने की कवायद हो रही है. लोजपा के कुल 6 सांसद हैं. इनमे से 5 सांसदों ने बगावत कर दी. कहा जा रहा है कि जल्द ही ये पांचो सांसद जेडीयू में शामिल हो सकते हैं. और ये सब हो रहा है चिराग पासवान के चाचा पशुपति परस के अगुवाई में. लोजपा के छठे सांसद खुद चिराग पासवान हैं. जो इस वक़्त बिलकुल अकेले पड़ चुके हैं.

बात यहीं ख़त्म नहीं होती, अब पार्टी से चिराग को ही बाहर निकालने की कोशिश हो रही है. इन बागी सांसदों ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर सदन में अलग गुट के रूप में मान्यता देने का आग्रह किया है. दरअसल पशुपति पारस के नीतीश कुमार से अच्छे सम्बन्ध हैं. रामविलास पासवान के निधन के बाद पशुपति पारस लोजपा अध्यक्ष के रूप में दावेदार थें लेकिन पार्टी के अध्यक्ष बन गए चिराग. उसके बाद बिहार विधानसभा चुनाव में नीतीश क खिलाफ चिराग ने मोर्चा खोल दिया. चिराग की वजह से ही जेडीयू भाजपा की जूनियर पार्टनर बन गई. ये बात नीतीश कुमार अब तक नहीं भूले हैं. कहा तो ये भी जा रहा है कि लोजपा में जो कुछ हो रहा है वो पशुपति पारस के सहारे नीतीश ही करवा रहे हैं.

बिहार में बीजेपी के 17 सांसद हैं जबकि जेडीयू के 16. यहाँ भी जेडीयू जूनियर पार्टनर के रूप में है. अगर लोजपा के पांच सांसद जेडीयू में शामिल होते हैं तो जेडीयू के सांसदों की संख्या बढ़कर 21 हो जायेगी और वो बीजेपी की सीनियर पार्टनर बन जायेगी सांसदों के मामले में. नीतीश कुमार के लिए तो ये फायदे का सौदा ही है लेकिन चिराग की राजनीति हमेशा के लिए ख़त्म हो जायेगी. क्योंकि उनकी छवि पिता राम विलास पासवान की तरह नहीं जो एक वोटबैंक उनके पीछे चल सके.