राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अचानक बुलाई आपात बैठक, आरोप लगाने वाले नेताओं कार्रवाई हो लेकर हो सकता है विचार

अयोध्या में बन रहे प्रभु श्री राम के भव्य मंदिर को लेकर भी अब विपक्षी दलों ने राजनीति करना शुरू कर दिया है. विपक्षी दल के नेता राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर भूमि ख़रीदने के मामले में बड़े घोटाले का आरोप लगा रहे हैं, वहीं ट्रस्ट आरोपों को लेकर अपनी सफ़ाई भी दे चुका है. इन आरोपों के बीच अब ट्रस्ट ने बड़ा कदम उठाया है.

जानकारी के लिए बता दें राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने अचानक से गुरुवार को आपातकाल बैठक बुलाई है, जिसमें ट्रस्ट के महामंत्री चंपत राय, कोषाध्यक्ष महंत गोविन्ददेव गिरी महाराज और ट्रस्टी डॉ अनिल मिश्र में शामिल हो रहे हैं. बैठक मुंबई कहां होगी ये गुप्त रखा गया है. वहीं मीडिया को भी इससे दूर रखा गया है.

ज़मीन की ख़रीदी को लेकर चल रहे विवाद के बाद ये ट्रस्ट की पहली मीटिंग है. बैठक में अन्य ट्रस्टी लोग शामिल हो सकते हैं. बैठक को लेकर क़यास लगाए जा रहे हैं कि चंपत राय और ट्रस्टी डॉ. अनिल मिश्र अपना पक्ष रख सकते हैं. हालाँकि संघ इस विवाद को लेकर ट्रस्ट को क्लीन चिट दे चुका है.

ग़ौरतलब है कि विपक्षी दलों के एक के बाद एक आरोपों के चलते सफ़ाई देनी पड़ रही है. ट्रस्ट का कहना है कि उसकी ओर से पूरी पारदर्शिता के साथ ज़मीन ख़रीदी गयी है और मार्केट रेट से सस्ती ली गयी है लेकिन आप नेता संजय सिंह आरोप लगा रहे हैं कि ज़मीनों को पहले भाजपा नेताओं द्वारा सस्ता ख़रीदा गया और बाद में उन्हें ट्रस्ट को महंगा बेचा गया. बैठक में इस बात की चर्चा भी हो सकती है कि ट्रस्ट के ऊपर आरोप लगाने वालों पर क्या कार्रवाई हो सकती है. साथ ही ट्रस्ट मानहानि के दावे को लेकर क़ानूनी सलाह भी ले रहा है.