जानिए ऐसी क्या खास बात है कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बार-बार भारत से बातचीत करने की कर रहें हैं कोशिश

भारत और पाकिस्तान ऐसे तो एक दुसरे के पड़ोसी देश हैं लेकिन भारत और पाकिस्तान का आपसी सम्बन्ध ठीक नहीं है. भारत और पाकिस्तान में सम्बन्ध हमेशा से ही एतिहासिक और राजनैतिक मुद्दों के कारण हमेशा से ही तनाव में रहा है. पाकिस्तान भारत का ही अंग है लेकिन फिर भी अपने पड़ोसी देश से मिल के रहने के बजाय हमेशा नफरत के सम्बन्ध को ही बढ़ावा देता हुआ आया है. इस वजह से भारत पाकिस्तान से हमेशा दुरी बनाने का प्रयास करता रहता है. खबरों के अनुसार बता दें कि पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान बार-बार भारत के सामने बात चीत करने का प्रयास कर रहें हैं.

पाकिस्तान के कूटनीति के बारे में जानते हुए भारत हर बार पाकिस्तान के वार्ता प्रस्ताव को ठुकरा रहा है. भारत का कहना है कि जब तक पाकिस्तान आतंकवाद को खत्म नहीं करता तब तक किसी भी प्रकार की कोई बातचीत नहीं की जायेगी. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने कहा है कि हम भारत से बातचीत करने के लिए पूर्ण रूप से तैयार है. पाकिस्तान के प्रधानमंत्री सिर्फ इतना ही नहीं कहे बल्कि उन्होंने स्वयं बातचीत का मुद्दा भी तय कर लिया है. उन्होंने आगे कहा है कि भारत हमें कश्मीर को लेकर एक रोडमैप साझा करे.

बता दें कि लेखकों को दिए गये इंटरव्यू में पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने बीते शुक्रवार को कहा कि यदि भारत कश्मीर के विवादित हिमालयी क्षेत्र की पिछले स्थिति को ठीक करने की ओर एक रोडमैप देता है तो पाकिस्तान भारत के साथ फिर से बातचीत करने के लिए तैयार है. वर्ष 2019 में भारत द्वारा जम्मू – कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाने के बाद से ही दोनों देशों के बीच तनाव और बढ़ गया है. यही कारण है कि भारत ने पाकिस्तान के साथ का राजनायिक सम्बन्ध भी डाउनग्रेड कर दिए थे और भारत पाकिस्तान के साथ होने वाले व्यापार को भी बंद कर दिया था. वहीं इमरान खान ने भारत के साथ व्यापार का हाथ बढ़ाते हुए कहा है कि यदि आप उपमहाद्वीप में गरीबी कम करना चाहतें हैं तो सबसे आच्छा साधन है कि एक दुसरे के साथ व्यापार करना शुरू करें.