ट्विटर को भुगतना पड़ रहा है भारत सरकार से टकराव का खामियाजा, कंपनी के शेयरों के भाव में रिकॉर्ड गिरावट

पिछले चार महीनों से भारत सरकार और ट्विटर के बीच टकराव जारी है. दुनिया का सबसे बड़ा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म होने का अत्वितर को इतना गुमान हो गया था कि उसने देश के कानूनों को ताक पर रख कर अपनी मनमर्जी से काम करना शुरू कर दिया था. फेक न्यूज के प्रति उसके पक्षपाती रवैये को देख कर सरकार की आँखे लाल हो गई और उसने सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म पर लगाम लगाने के लिए नए IT नियम बनाए. जिसे सबने माना लेकिन ट्विटर ने अकड़ दिखानी शुरू कर दी. अब उसे भारत सरकार से टकराव का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है. पिछले चार महीने में इस अमेरिकी कंपनी के शेयर करीब 25 फीसदी टूट गए हैं. 

भारत सरकार द्वारा बनाए नियम मानने से आनाकानी करने पर सरकार ने भी ट्विटर के खिलाफ सख्त कदम उठा लिए. अब ट्विटर को भारत में कानूनी सुरक्षा खत्म हो गई है. भारत सरकार ने ये कदम 16 जून को उठाया. और अब इसपर किसी भी थर्ड पार्टी कंटेंट के लिए IPC के तहत एक्शन लिया जा सकता है. फेक न्यूज पर अंकुश लगाने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है. थर्ड पार्टी कंटेंट मतलब ट्विटर पर मौजूद कोई भी यूजर उस पर अगर आपत्तिजनक या फेक कंटेंट डालता है तो इसका खामियाजा ट्विटर को भुगतना पड़ेगा और उसपर IPC के तहत एक्शन लिया जाएगा.

इस साल 26 फरवरी को ट्विटर के शेयर 80.75 डॉलर पर पहुंच गए थे. ये 52 हफ़्तों का सबसे ऊँचा स्तर था. उसके बाद ट्विटर का भारत सरकार के आठ टकराव शुरू हुआ औ ट्विटर के शेयर लगातार गिरने लगे. न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में बुधवार को ट्विटर का शेयर 59.93 अमेरिकी डॉलर पर बंद हुआ. पिछले 4 महीनों में ट्विटर के शेयरों में 25.78% ​की गिरावट आई है. ट्विटर की बाजार पूंजी घटकर 47.64 अरब डॉलर रह गया है.