किसानों को सहायता पहुंचाने के लिए इस कंपनी ने की 'मुफ्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम' की घोषणा, जानें कब और कैसे उठा सकते हैं इस योजना का फायदा

मुफ्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम'

मुफ्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम'

नई दिल्ली। देश में कोरोना वायरस (Corona Virus) का प्रकोप कुछ थम तो गया है मगर इस बीमारी के कारण हालात बहुत नाजुक स्थिति में पहुंच गए हैं। चाहे गरीब हो या अमीर सभी लोग इस बीमारी की वजह से प्रभावित हुए हैं। किसानों (Farmers) की ही बात की जाए तो यहां भी स्थिति काफी बिगड़ी हुई है। इसी बीच विश्व की तीसरी सबसे बड़े ट्रैक्टर निर्माता, टैफे– ट्रैक्टर्स एंड फार्म इक्विपमेंट लिमिटेड (Tractors And Farm Equipment Limited) ने कोविड महामारी की दूसरी लहर के बीच किसान समुदाय के लोगों को बड़ी राहत दी है। कंपनी ने किसानों और सरकार को सहयोग देते हेतु अपने सतत प्रयास के तहत, 'मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम' की घोषणा की यह प्रयास राजस्थान के छोटे किसानों को खेती के इस महत्वपूर्ण समय में सहायता पहुंचाने के लिए है। टैफे ने लगातार दूसरे साल इस अनोखी और लोकप्रिय मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम को पेश किया है इस स्कीम के अंतर्गत पिछले साल अकेले राजस्थान में छोटे और सीमांत किसानों को 1 लाख घंटों से अधिक की निःशुल्क रेंटल सेवा प्रदान की गई।

कब से लागू हुई ये स्कीम

यह स्कीम राजस्थान (Rajasthan) के सभी जिलों में 1 जून से 31 जुलाई, 2021 तक, 60 दिनों की अवधि के लिए उपलब्ध है। इस दौरान, एक हेक्टेयर या उससे कम भूमि वाले छोटे किसानों के कृषि कार्य हेतु, टैफे 41,800 से अधिक मैसी फ़र्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टर तथा 1,16,700 कृषि उपकरण, बिना किसी किराए के एकदम मुफ्त उपलब्ध कराएगा। टैफे की चेयरमैन और प्रबंध निदेशक मल्लिका श्रीनिवासन ने कहा कि कोरोना महामारी ने फसल चक्र के इस महत्वपूर्ण समय में ग्रामीण क्षेत्रों में कामकाज को एकदम ठप्प कर दिया है।

कृषि विभाग ने व्यक्त किया आभार

ऐसे में किसानों की सहायता हेतु, हम एक बार फिर छोटे और सीमांत किसानों के लिए मुफ़्त ट्रैक्टर रेन्टल योजना प्रदान कर रहे हैं। राजस्थान सरकार (Rajasthan Government) के निरंतर सहयोग के साथ, टैफे कृषि के इस नाज़ुक समय में किसानों की मदद के लिए खेती के उपकरणों के साथ मैसी फ़र्ग्यूसन और आयशर ट्रैक्टरों को उपलब्ध कराएगा। मुफ्त ट्रैक्टर रेन्टल स्कीम को अपना समर्थन देने के लिए माननीय कृषि मंत्री और कृषि विभाग के प्रति भी हम अपना आभार व्यक्त करते हैं।