करण जौहर ला रहें हैं 'जलियांवाला बाग नरसंहार' पर आधारित फिल्म, जब एक केस ने हिला दी थी पूरी ब्रिटिश हुकुमत

करण जौहर ला रहें हैं 'जलियांवाला बाग नरसंहार' पर आधारित फिल्म, जब एक केस ने हिला दी थी पूरी ब्रिटिश हुकुमत

करण जौहर ला रहें हैं 'जलियांवाला बाग नरसंहार' पर आधारित फिल्म, जब एक केस ने हिला दी थी पूरी ब्रिटिश हुकुमत

फिल्ममेकर करण जौहर (Karan Johar) ने मंगलवार को एक घोषणा की है। वह धर्मा प्रोडक्शंस (Dharma Productions) के बैनर तले एक ऐसी फिल्म का निर्माण करने जा रहे हैं, जो उनकी इमेज के एकदम उलट है। आम तौर पर धर्मा प्रोडक्शंस लव स्टोरी पर आधारित फिल्में प्रोड्यूस करता है लेकिन इस बार करण ने कुछ हटके करने की ठान ली हैं। करण जौहर अब भारत के इतिहास की सबसे जघन्य घटना जलियांवाला बाग नरसिंहार की कहानी को बड़े पर्दे पर लाने वालें हैं। करण ने इस फिल्म की घोषणा करते हुए बताया है कि कहानी सी शंकरन नायर (S Sankaran Nair)  पर आधारित होगी। सी शंकरन नायर वह इंसान थे जिन्होंने जलियांवाला बाग नरसंहार का सच सामने लाने के ब्रिटिश राज के साथ कानूनी लड़ाई लड़ी थी। शंकरन नायर के इस साहस ने देश भर में आज़ादी की लड़ाई लड़ रहे तमाम लोगों में एक नया जोश भर दिया था। यह केस भारत के इतिहास में ब्रिटिश हुकूमत से लड़ी जाने वाली पहली लड़ाई के रूप में दर्ज है।


करण ने इस बात की जानकारी सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर करके दी है। फिल्म की कहानी 'द केस दैट शुक द एम्पायर' (The Case That Shook The Empire) किताब से ली गयी है, जिसे शंकरन नायर के ग्रेट ग्रांडसन रघु पलट (Raghu Palat) और उनकी पत्नी पुष्पा पलट (Pushpa Palat) ने लिखा है। करण ने अपने पोस्ट में बताया है कि फिल्म का निर्देशन करण सिंह त्यागी (Karan Singh Tyagi) कर रहे हैं। इसकी शूटिंग जल्द शुरू कर दी जाएगी। स्टार कास्ट के बारें में भी जल्द घोषणा की जाएगी। जलियांवाला बाग नरसंहार भारत के इतिहास की सबसे जघन्य और हिला देने वाली घटना है। यह घटना 13 अप्रैल 1919 को हुई थी और इसे अमृतसर नरसंहार के नाम से भी जाना जाता है। स्वतंत्रता सेनानी डॉ. सैफुद्दीन किचलू और डॉ. सत्य पाल की गिरफ़्तारी के विरोध में अमृतसर के जलियांवाला बाग में बड़ी तादाद में भीड़ शांतिपूर्वक प्रदर्शन करने पहुंची थी। इसे रोकने के लिए ब्रिटिश कमांडिंग ब्रिगेडियर-जनरल डायर ने अपने सिपाहियों से पूरा बाग घिरवा लिया था। इस बाग से निकलने का सिर्फ एक ही रास्ता था। जिसे जनरल डायर ने अपनी फौज के साथ घेर कर वहां मौजूद तमाम लोगों पर अंधाधुंध गोलियां की बरसात कर दी थी। इस हादसे में कम से कम 379 लोग मारे दिए गए थे जबकि 1200 से अधिक लोग घायल हुए थे। इस घटना का बदला लेने के लिए सरदार ऊधम सिंह ने इसके मास्टर माइंड माइकल ओ डायर को लंदन में मार दिया था।

करण जौहर ने इस फिल्म की जानकारी के साथ एक पोस्टर भी अपने ऑफिशियल अकाउंट से शेयर किया है। जिसमें फिल्म से रिलेटेड तमाम जानकारी दी गयी है। इस पोस्ट को शेयर करते हुए करण ने लिखा है, 'ऐतिहासिक व्यक्ति सी. शंकरन नायर की अनकही कहानी को बड़े पर्दे पर लाकर बेहद उत्साहित और सम्मानित महसूस कर रहा हूं। करण एस त्यागी द्वारा निर्देशित।'  करण फिल्म बना तो  लेंगे लेकिन इसके साथ कितना न्याय कर पाएंगे ये तो आने वाला वक्त ही बताएगा। क्योंकि यह सब्जेक्ट न सिर्फ कठिन है बल्कि इससे पहले इस तरह की कोई फिल्म बनाने का करण के पास कोई अनुभव भी नहीं हैं।