इन विभागों के रिटायर्ड कर्मचारियों को पब्लिकेशन से पहले लेनी होगी इजाजत, वर्ना रुक सकती है पेंशन, जानिए क्या है पूरा मामला

देश में एक तरफ कोरोना का कहर बना हुआ है. वही दूसरी तरफ सरकार एक के बाद एक बड़े फैसले ले रही है. जानकारी के लिए बता दें कि भारत सरकार ने बुधवार को सरकारी नौकरी से रिटायर हो चुके कर्मचारियों के लिए नया नियम लागू किया है.

जानकारी के लिए बता दें कि इस नियम के अनुसार अब खुफिया और सुरक्षा संबंधी विभागों से जुड़े रिटायर्ड कर्मचारियों को किसी भी प्रकाशन यानी लेख या अपनी किताब लिखने से पहले अपने मूल विभाग के प्रमुख से इजाजत लेना अनिवार्य होगा. जिसकी जानकारी कार्मिक और प्रशिक्षण विभाग की तरफ से सूचना जारी करते हुए कहा गया है कि “रिटायमेंट के बाद किसी भी प्रकाशन से पहले इन विभागों के कर्मचारियों को अपने HOD से अनुमति लेनी होगी.”

इतना ही नहीं सूचना में ये भी लिखा है कि किसी भी तरह की संवेदनशील सूचना को अब अपनी मर्जी से प्रकाशित नहीं किया जा सकता, उसकी जांच होना जरूरी हो गया है. इसके अलावा बता दें कि आदेश में ये भी कहा गया है कि एक फॉर्म 26 अंडरटेकिंग के तौर पर कर्मी को देना होगा. जिसके मुताबिक अगर रिटायरमेंट के बाद वह अंडरटेकिंग की शर्तों को तोड़ते हैं तो उनकी पेंशन भी रोकी जा सकती है. जाहिर है कि सरकार की तरफ से ये नया नियम सुरक्षा और गलत तथ्य बाहर न जाए इसके लिहाज से उठाया गया है.