इस कारण से दुखी हैं योगी आदित्यनाथ,दिए जांच के आदेश

उत्तर प्रदेश में यूपीएटीएस द्वारा नोएडा में मतांतरण रैकेट के सरगना मोहम्मद उमर गौतम और मुफ्ती काजी जहांगीर कासमी की गिरफ्तारी के बाद कई अहम खुलासे हुए हैं. यूपीएटीएस की मानें तो न सिर्फ इस मतांतरण माफिया को विदेशी फंडिंग मिल रही थी. इतना ही नहीं साजिश के तहत एक हजार से अधिक लोगों का मतांतरण कराए जाने के मामले में मुख्य आरोपित मुहम्मद उमर गौतम से पूछताछ में सामने आये तथ्यों के बाद एटीएस के हाथ बड़ी सफलता लगी है.

बता दें कि एटीएस ने उमर गौतम के तीन अन्य और सक्रिय साथियों को गिरफ्तार किया है. इस वजह से प्रदेश में धर्मांतरण के मामले में एक के बाद एक खुलासा हो रहा है उसे लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत दुःखी हो गये हैं. इसी के साथ ही आपको बता दें कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ धर्मांतरण में इस्लामिक देशों के साथ ही कनाडा तथा अन्य जगह से धन मिलने को लेकर और भी अधिक सख्त रुख अपनाये हुए हैं.

बता दें कि बीते सोमवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बहुत अधिक व्यस्त होने के बाद भी इस मामले को लेकर बड़ी बैठक किये. बैठक में उन्होंने सभी पांच एजेंसियों को निर्देश दिया और स्पष्ट शब्दों में कहे कि सख्ती के साथ सारी कार्यवाई को अंजाम दिया जाये. उन्होंने ये भी कहा कि जितने लोग इस मामले में दोषी पाए जाते हैं. उन सभी लोगो पर एनएसए के तहत कार्यवाई करने के साथ ही इनकी संपत्ति पर कब्जा कर लिया जाये. मतांतरण के जाँच की तह में जाकर एक – एक बिंदु पर विस्तृत रूप से छानबीन की जाये. मुख्यमंत्री योगी जी का कहना है कि धर्मांतरण के मामले में शामिल अब किसी भी व्यक्ति को नहीं छोड़ा जायेगा.