अच्छी कमाई के बाद भी नहीं होती पैसों की बचत तो अपनाये ये तरीके, कुछ ही दिनों में दिख जाएगा असर

कुछ लोग अच्छी खासी कमाई के बाद भी घर में आर्थिक तंगी से परेशान रहते हैं। इसकी वजह उनके खर्च, निवेश, बचत के तरीके में छिपी होती है। जानिए, पैसों की बचत के लिए, सही तरह से खर्च करने के लिए किन बातों का ध्यान रखना चाहिए। जिस से आप को पैसों की तंगी से छूटकारा मिल सकें।

चाहतों की जरूरत समझना

जब आपको अपनी जरूरतों और चाहतों में फर्क करना नहीं आता तो चाहतें पूरी करने के लिए आप गैरजरूरी चीजों में पैसा खर्च कर देते हैं। बाद में इससे आपकी जरूरतें प्रभावित होती हैं। जैसे घर का किराया, ईएमआई या मेंटेनेंस, राशन, टॉयलेट्रीज, इलाज, ट्रैवलिंग खर्च। ऐसा भी नहीं है कि बचत के लिए इच्छाओं को पूरी तरह दबाया जाए। बस जरा अनुशासन से काम लेना चाहिए। इसके लिए अपने बजट में आपको 50-25-25 का फार्मूला अपनाना चाहिए। इसका मतलब है, 50 फीसदी खर्च अपनी मूलभूत जरूरतों के लिए, 25 फीसदी चाहतें पूरी करने के लिए और 25 फीसदी बचत निवेश के लिए खर्च करना चाहिए। ऐसा करने पर आपको कभी आर्थिक समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा।

बेवजह शॉपिंग करना

मूड को ठीक करने के लिए शॉपिंग, घूमने-फिरने के बहाने शॉपिंग, बिना लिस्ट बनाए शॉपिंग, टीवी पर किसी चीज का एड देखते ही ऑर्डर कर देना, किसी ऑफर या डिस्काउंट के आते ही उस चीज को बिना जरूरत खरीद लेना, जैसी आदतें आपका खर्चा बढ़ाती हैं। ऐसी सिचुएशन से बचने के लिए आपको अपने फाइनेंशियल गोल्स पहले से तय कर लेने चाहिए। तय कर लेना चाहिए कि आप तभी कोई चीज खरीदेंगी, जब असल में आपको उसकी जरूरत होगी। इसी के साथ जब भी घरेलू सामान खरीदने निकलें, हमेशा लिस्ट बनाकर ले जाएं। उस लिस्ट का सख्ती से पालन करें, एक्सट्रा सामान बिल्कुल न लें।

गलत जगह निवेश करना

ज्यादातर लोगों को अपने पैसे निवेश करने की सही समझ नहीं होती। वे बचत खाते में, रिकरिंग डिपॉजिट में या ट्रेडिशनल इंश्योरेंस प्लान में पैसे लगाने को अच्छा निवेश समझते हैं, जबकि इन चीजों में आपका पैसा जमा और सुरक्षित जरूर होता है लेकिन इसकी सही ग्रोथ नहीं होती। बल्कि महंगाई के असर से उसकी वैल्यू कम हो जाती है। ऐसे में आपको अपनी इंवेस्टमेंट प्लानिंग के लिए एक अच्छे फाइनेंशियल प्लानर की मदद लेनी चाहिए। उन्हें अपनी जरूरतें, इनकम और फ्यूचर की प्लानिंग बताएं। वे आपको गोल्ड, प्रॉपर्टी, सरकारी बचत योजनाओं, शेयर्स, फिक्स डिपॉजिट डिबेंचर और बॉण्ड में सही अनुपात में निवेश करना बताएंगे। इससे आपको काफी फायदा होगा।

अनावश्यक लोन लेना

घर के बुजुर्ग अब भी सिर्फ संपत्ति खरीदने, शादी-विवाह जैसा बड़ा खर्च आने या इलाज के लिए ही लोन लेने को कहते हैं। जबकि नई पीढ़ी इस सिद्धांत पर नहीं चलती है। आज क्रेडिट कार्ड, होम लोन, पर्सनल लोन की भरमार है। कई लोग अपना स्टेटस ऊंचा करने के लिए बहुत खर्च करते हैं और इसके लिए लोन भी लेते हैं। लेकिन इससे आगे चलकर प्रॉब्लम ही होती है। इसलिए लोन लेने से पहले आपको यह सोचना चाहिए कि ब्याज सहित किस्त की रकम चुकाने की आपकी क्या व्यवस्था है? इस बात पर ईमानदारी से विचार करेंगी तो आप स्वयं गलत निर्णय से बच जाएंगी।