अंतरराष्ट्रीय योग दिवस पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया देशवासियों को संबोधित कहा कि…

योग भारतीय संस्कृति की पांच हजार वर्ष पुरानी विरासत है. लेकिन इन दो सालो में जब कोरोना संक्रमण का कोहराम मचा तो यह सेहत का ऐसा मंत्र हो गया जिसे सभी चिकित्सा पद्धतियों के महारथियों ने दोहराया और सभी ने माना कि हम घर पर रहकर ही प्राणायाम, आसन और ध्यान करके अच्छा स्वास्थ हासिल कर सकते हैं. इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए आज अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने देशवासियों को संबोधित किया है.

बता दें कि अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 2021 की थीम ‘YOGA FOR WELLNESS’ रखी गई है. इस थीम का उद्देश्य शारीरिक और मानसिक रूप से शरीर को स्वस्थ रखना है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने अपने संबोधन में कहा कि कोरोना काल में योग लोगों के लिए उम्मीद की किरण बना है. प्रधानमंत्री जी ने आगे कहा कि कोरोना के अदृश्य वायरस ने जब दुनिया में दस्तक दिया था तब कोई भी देश साधनों से सामर्थ्य और मानसिक अवस्था से इसके लिए नैयर नहीं था. उन्होंने कहा कि जैसा कि हम सभी ने देखा कि ऐसे कठिन समय में योग आत्मबल का बड़ा माध्यम बना है.

प्रधानमंत्री जी ने ये भी कहा कि योग हमें अवसाद से उमंग और प्रमाद से प्रसाद की ओर ले जाता है. कोरोना के खिलाफ योग प्रमुख हथियार बना है. प्रधानमंत्री जी ने आगे कहा कि भारत के ऋषियों ने जब भी भारत के स्वास्थ्य की बात की है तो उसका अर्थ केवल शरीरिक स्वास्थ्य नहीं रहा है. इसलिए योग में फिजिकल हेल्थ के साथ-साथ मेंटल हेल्थ पर भी इतना ही जोर दिया गया है.