कोरोना के तीसरी लहर से देश को बचाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किया महाअभियान का शुरुआत

देश में कोरोना महामारी की दूसरी लहर के संकट के कहर को झेलते समय ही ये पता चल गया था कि कोरोना की तीसरी लहर भी दस्तक दे सकती है. इसलिए कोरोना के दूसरी लहर के भयावह कहर को देखने के बाद कोरोना के तीसरी लहर से बचाव के लिए प्रयास तेजी से शुरू हो गये हैं. बता दें कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जी ने शुक्रवार को 26 राज्यों के 111 ट्रेनिंग सेंटरों से कोविड-19 हेल्थकेयर फ्रंटलाइन वर्कर्स के लिए विशेष रूप से तैयार प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारम्भ किया है.

प्रशिक्षण कार्यक्रम के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि हर सावधानी के साथ आने वाले चुनौतियों से निपटने के लिए हमें देश की तैयारियों को और अधिक बढ़ाना होगा. आगे उन्होंने कहा कि देश को कोरोना महामारी के तीसरी लहर से बचाने के लिए करीब 1 लाख फ्रंट लाइन कोरोना वॉरियर्स तैयार करने का महाअभियान शुरू हो रहा है. प्रधानमंत्री मोदी के कहे अनुसार कोरोना की दूसरी लहर में हम लोगों ने देखा कि इस वायरस का बार-बार बदलता स्वरूप किस तरह की चुनौतियाँ हमारे सामने ला सकता है. उन्होंने ये भी कहा कि ये वायरस हमारे बीच अभी भी है और इसके म्यूटेड होने की संभावना भी बनी हुई है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चलाये गये महाअभियान के बारे में बताते हुए कहा कि कोरोना से लड़ रही हमारी हेल्थ सेक्टर की फ्रंट लाइन फोर्स को नई ऊर्जा भी मिलेगी और हमारे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर भी बनेगें. उन्होंने कहा कि फ्रंटलाइन वर्कर्स के विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम के अंतर्गत उम्मीदवारों को मुफ्त में ट्रेनिंग, स्किल इण्डिया का सर्टिफिकेट, भोजन व आवास सुविधा और साथ ही काम पर प्रशिक्षण के साथ स्टाइपेंड एवं प्रमाणित उम्मीदवारों को 2 लाख रूपए का दुर्घटना बिमा प्राप्त होगा.