राजस्थान : गहलोत और पायलट में फिर महाभारत, नाराज पायलट को कांग्रेस ने दिया महासचिव पद का ऑफर लेकिन…

एक साथ कई राज्यों में आतंरिक गुटबाजी से जूझ रही कांग्रेस के लिए सबसे ज्यादा परेशानी इस वक़्त राजस्थान में खड़ी है. राजस्थान में पिछले साल वाले हालात ही बनते जा रहे हैं जब नाराज सचिन पायलट अपने गुट के विधायकों के साथ मिलकर कांग्रेस की सरकार गिराने पर आमादा हो गए थे. एक बड़ी मुश्किल से कांग्रेस ने उनकी नाराजगी दूर की थी और अपनी सरकार को गिरने से बचाया था. लेकिन अब फिर सचिन पायलट की नाराजगी कांग्रेस की टेंशन बढ़ा रही है. जितिन प्रसद्के पार्टी छोड़ देने के बाद कांग्रेस अब कोई रिस्क नहीं लेना चाहती इसलिए उसने गहलोत और पायलट के बीच विवाद को थामने की कोशिशें शुरू कर दी है.

सचिन पायलट को मनाने के लिए कांग्रेस ने नया दांव खेला है. कांग्रेस हाईकमान की ओर से पायलट को महासचिव पद का ऑफर दिया गया है. लेकिन पायलट मानने को तैयार नहीं हैं. उन्होंने महासचिव बनने से साफ़ इंकार कर दिया है. पिछली बार नाराज पायलट को प्रियंका गांधी ने मनाया था.इस बार भी पायलट इस वक़्त प्रियंका गांधी से मुलाकात करने के लिए दिल्ली में हैं. इस राजनीतिक मुलाकात में पायलट और प्रियंका गांधी के बीच कई मुद्दों को लेकर चर्चा होनी है, जिसमें पायलट की राजस्थान और केंद्रीय संगठन दोनों भूमिकाओं पर चर्चा हो सकती है.

राजस्थान में कांग्रेस को जिताने के लिए सचिन पायलट ने कितनी मेहनत की थी ये किसी से छुपा हुआ नहीं है. उन्हें उम्मीद थी कि सीएम का पद तो उन्हें ही मिलेगा नहीं ऐसा हुआ नहीं. वो समझ रहे हैं कि उन्हें राजस्थान से दूर रखने के लिए ही महासचिव पद का ऑफर दिया जा रहा है जबकि वोप राजस्थान से दूर जाना नहीं चाहते. उनकी नज़रें मुख्यमंत्री पद पर टिकी है. उधर पायलट खेमे की नाराजगी को दूर करने के लिए कांग्रेस राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार के बारे में भी सोच रही है.