प्रधानमंत्री मोदी ने देश को समझाने के लिए एक लेख लिखा है, जानिए उस लेख के बारे में

कोरोना महामारी सारी दुनिया के लिए एक ऐसी चुनौती बनकर उभरी, जिसकी कल्पना किसी ने भी नहीं की थी. प्रारम्भ में कोरोना के अचानक फैलाव ने सभी लोगों को बदहवास कर दिया था. कोई समझ ही नहीं पाया की इसका मुकाबला कैसे किया जाये. कोरोना महामारी ने देश को पूरी तरह से तोड़ के रख दिया. लेकिन हमे ये सोचना भी आवश्यक है कि पिछले दो साल से केन्द्र सरकार और राज्य सरकार किस तरह से चुनौतियों का सामना कर रहा है.

आपको बता दें कि कोरोना महामारी के भयानक कहर से देश किस तरह से निपटा है इस बात को समझाने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक लेख लिखा है. प्रधानमंत्री जी के द्वारा लिखे गये इस लेख में समझाया गया है कि किस तरह से केन्द्र सरकार और राज्य सरकार ने आपस में सामंजस्य को बनाये हुए कोरोना जैसे भयावह महामारी के समय चुनौतियों का सामना कर रहा था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने लेख में लिखा कि जब पूरी दुनिया में वित्तीय संकट था. तब भारतीय राज्य 2020 – 21 में काफी ज्यादा उधार लेने में सफल रहें हैं. आपको यह जानकर सुखद आश्चर्य होगा कि 2020 – 21 में राज्य 1.06 लाख करोड़ रूपए का अतिरिक्त उधार लेने में सक्षम रहें हैं. प्रधानमंत्री जी ने आगे कहा कि केन्द्र और राज्यों में भागीदारी के रवैये की वजह से ही संसधानों की उपलब्धता में यह बढ़त संभव हुई. उन्होंने कहा कि कोरोना जैसे भयावह महामरी में इकोनॉमी को स्थिर बनाये रखना और सुनिश्चित करते हुए जनकल्याण के लिए संसाधन जुटाना सबसे बड़ी चुनौती रही है.