कोरोना के कहर के कारण इतने बच्चों की जिंदगियां हुई तबाह, देश में इतने बच्चे हुए अनाथ

कोरोना महामारी के कारण पूरा देश इसके कहर से कांप उठा है. कोरोना के कहर से प्रभावित लोगों की दयनीय स्थिति भूलने वाली नहीं हैं. कोरोना का कहर इस प्रकार से देश में फैला हुआ था कि अगर हम खोजने निकलते किसी ऐसे व्यक्ति को जिसका कोई सगा – संबंधी या फिर मित्र इस महामारी की चपेट न आया हो तो मिलना मुश्किल था. कोरोना के कारण ऐसे तो हर लोग प्रभावित थे लेकिन सबसे अधिक प्रभावित होने वाला अगर कोई वर्ग था तो वो बच्चो का वर्ग था.

बता दें कि इस महामारी ने कई बच्चो से उनके माता – पिता को छीन लिया. हम इस बात को समझ सकते हैं कि बच्चों के जीवन में माता – पिता का क्या महत्त्व होता है. माता-पिता के बिना जीवन जीना बहुत ही कठिन कार्य है. इस महामारी ने कई बच्चो को अनाथ बना दिया. बता दें कि नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स द्वारा सुप्रीम कोर्ट में दाखिल किये गये अभी जल्दी के हलफनामे के अनुसार देश में करीब 30 हजार बच्चे कोरोना के कहर से प्रभावित हुए हैं. इन 30 हजार बच्चो में से 3621 बच्चे अनाथ हो गये हैं और 26176 बच्चो ने अपने माता – पिता में से किसी एक को खो दिया है. बाकि 274 बच्चे ऐसे हैं जिन्हें छोड़ दिया गया है.

आपको बता दें कि इन 30 हजार बच्चों में से किसी ने अपने माँ और पिता दोनों को खो दिया है. या फिर बच्चे के माता – पिता दोनों में से किसी एक का निधन हो गया है. नेशनल कमीशन फॉर प्रोटेक्शन ऑफ चाइल्ड राइट्स के मुताबिक पिछली बार सुप्रीम कोर्ट में आकड़ा 9300 बताया गया था. इस बार ताजा आकड़ें के अनुसार बच्चो की संख्या 30 के पार बताया गया है. ये संख्या कोरोना के प्रारम्भ से लेकर अभी तक का है. बता दें कि कोरोना काल में जिन बच्चो ने अपने माता – पिता को खो दिया है उन बच्चो की मदद केन्द्र सरकार कर रही है. बता दें कि कुछ दिन पहले सरकार ने घोषणा करके इस बात की जानकारी दी थी. जो बच्चे अनाथ हुए हैं उन बच्चो के पढ़ाई का सारा खर्च सरकार उठाएगी. वही जब बच्चा 18 वर्ष का हो जाता है तो छात्रवृत्ति और 23 वर्ष का होने पर 10 लाख का फंड भी दिया जायेगा.