अपने दम पर अपनी किस्मत की कहानी लिखने वाले, नहीं रहे अब मिल्खा सिंह

खेल की दुनिया में अपना एक विशेष स्थान बनाने वाले और फ्लाइंग सिख के नाम से मशहुर वेटरन एथलीट मिल्खा सिंह अपना विशेष पहचान हमारे बीच छोड़ कर चले गये. बता दें कि बीते शुक्रवार को देर रात 11:24 पर अपनी जिन्दगी की अंतिम सांसे लीं. खबरों के अनुसार पता चला कि वह कोरोना बीमारी से निजात पा चुके थे. लेकिन पोस्ट कोरोना साइड इफेक्ट के कारण गुरुवार रात से ही उनकी हालत बिगड़ती गई. डॉक्टर उन्हें बचाने की हर तरह का प्रयास करते रहे. लेकिन मिल्खा सिंह को बचाने में असमर्थ रहे.

बता दें कि अभी पांच दिन पहले मिल्खा सिंह की पत्नी का भी कोरोना से मृत्यु हो गई थी. इसी कारण मिल्खा सिंह बहुत दुखी थे. मिल्खा सिंह को कोरोना हो गया था. वह पहले मोहोली के निजी अस्पतालों में अधिक दिनों तक भर्ती रहे. उसके बाद उन्हें घर लाया गया. फिर दोबरा स्वास्थ्य ठीक न रहने के कारण मिल्खा सिंह को पीजीआई चंडीगढ़ में भर्ती करवाया गया. लेकिन स्वास्थ सही नहीं हुआ और फिर शुक्रवार को सुबह से उनकी तबियत बिगड़ने लगी. उनका ऑक्सीजन लेवल भी घटकर करीब 56 रह गया था. फिर उसके बाद देर रात को उनका निधन हो गया.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मिल्खा सिंह के निधन पर उनको श्रद्धांजलि दी है. अक्सर हर किसी से मुस्कुरा कर मिलने वाले मिल्खा सिंह अंदर से संजीदा इंसान थे. अपने दम पर अपनी किस्मत की कहानी लिखने वाले मिल्खा सिंह का जीवन बहुत ही संघर्षों से भरा हुआ रहा है. उड़न सिख पदमश्री मिल्खा सिंह का सारा जीवन खेल के प्रति समर्पित रहा. मिल्खा सिंह अपने जीवन यात्रा के बारे में बताते थे कि उनकी दौड़ हमेशा से ही मुश्किल रही है. इसके बाद भी वो अपने जीवन में कभी नहीं हारे.