राम जन्मभूमि ट्रस्ट पर लगा भ्रष्टाचार का आरोप, जानिए क्या है पूरा मामला

राम मंदिर निर्माण के लिए मकर संक्रांति से चल रहे निधि समर्पण अभियान में ‘जन-जन के राम’ की अवधारणा की पुष्टि हो रही है. पूरे देश में समर्पण अभियान को लेकर उत्साह दिख रहा है.अयोध्या में भगवान राम मंदिर के निर्माण को लेकर प्रत्येक व्यक्ति गर्व महसूस कर रहा है. वहीं अब राम मंदिर के निर्माण को लेकर राजनीति भी बहुत तीव्रता से बढ़ रही है. आईये जान लेते हैं कि राम मंदिर के निर्माण को लेकर किस प्रकार की राजनीति की जा रही है.

आपको बता दें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट पर विपक्षी दलों ने भ्रष्टाचार का आरोप लगाया है. इस मामले को लेकर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने एक बयान जारी कर सफाई दी है. चंपत राय ने विपक्षी दलों के आरोपों को राजनीति से प्रेरित और झूठ करार दिया है. चंपत राय ने विपक्षों पर लगाये गये आरोप का जवाब देते हुए एक बयान दिया है. उन्होंने अपने बयान में कहा है कि मंदिर परिसर को वास्तु अनुसार सुधारने और यात्रियों के लिए आने – जाने का रास्ता दुरुस्त करने और मंदिर की सुरक्षा की दृष्टि से छोटे बड़े मंदिरों और मकानों को पूर्ण सहमती से खरीदा गया है.

उन्होंने आगे कहा कि जमीन के दाम 2 करोड़ से बढ़कर 18 करोड़ होने के आरोपों पर चंपत राय ने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद अयोध्या में जमीन खरीदने वालों की संख्या बढ़ गई थी. आपको बता दें कि इससे पहले समाजवादी पार्टी सरकार में मंत्री रहे और अयोध्या के पूर्व विधायक पवन पांडे ने अयोध्या में चंपत राय पर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए और मामले की जाँच सीबीआई से कराने की मांग की. सपा के अलावा कांग्रेस और आम आदमी पार्टी ने भी ट्रस्ट पर घोटाले के आरोप लगाए है.