कोरोना वैक्सीन के अफवाहों का केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने किया खंडन, सरकार ने कही ये बात

कोरोना नामक घातक महामारी ने पुरे विश्व को तबाह करके रख दिया है. देश में कोरोना का संक्रमण अपनी चरम सीमा पर जाकर कहर बरपा रहा था. कोरोना की हर लहर पूर्व के लहर से ज्यादा गंभीर होती जा रही थी. ऐसे में कोई समझ ही नहीं पा रहा था कि इसका मुकबला कैसे किया जाये पर खुशी की बात ये है कि शीघ्र ही इसके कारण और निवारण के मार्गों को खोज निकाला गया और कोरोना से बचाव रूपी टीके को तैयार किया गया है.

देश में कोरोना से बचाव के लिए टीकाकरण अभियान को बहुत ही तीव्र गति से चलाया जा रहा है. लेकिन इसी बीच कोरोना वैक्सीन को लेकर तमाम प्रकार की अफवाहें भी फैल रही हैं. लोग वैक्सीन लगवाने के बाद इस बात से भयभीत है कि कहीं टिका लगवाने के बाद नपुंसक और बांझपन की शिकायत न हो जाये. बता दें कि टीकाकरण को लेकर इस तरह के अफवाहों को देखते हुए सरकार ने जवाब दिया है.

इसी के साथ ही मंत्रालय ने कहा है कि पिछले कुछ दिनों में मीडिया में आई खबरों में नर्सों सहित कर्मियों और अग्रिम मोर्चे के कर्मियों के एक वर्ग में भिन्न – भिन्न अंधविश्वासों और मिथकों की व्यापकता को उजागर किया गया है. हलांकि आपको बता दें कि स्वास्थ्य मंत्रालय ने स्पष्ट तौर पर अपने बयान में कहा है कि टीकों को सुरक्षा और प्रभावशीलता सुनिश्चित होने के बाद ही प्रयोग के लिए अनुमति दी जाती है. इसके बाद बयान के मुताबिक भारत सरकार ने कोविड – 19 टीकाकरण के कारण बांझपन के बारे में फैलाये गये झूठ को रोकने के लिए स्पष्ट तौर पर कहा है कि इसका कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है. कोरोना वैक्सीन पूर्ण रूप से सुरक्षित और प्रभावी पाए गये हैं.