बड़ी खबर : चीन को झटका देने के लिए बनाई जा रही हैं योजनायें, अमेरिका ने रखा महत्वपूर्ण प्रस्ताव

विश्व की चूलें हिला देने वाली महामारी का जब प्रकोप शुरू हुआ था. तब कोरोना वायरस की पहचान चीन के वुहान शहर में की गई थी. तब चीन ने यह तर्क रखा था कि वुहान में खान-पान में उपयोग किये जाने वाले जिन्दा जानवरों का बाजार जो है वहीं से यह वायरस पनपा है. लेकीन आप को बता दें कि खुद वहां के कुछ चीनी वैज्ञानिक यह संदेह जता रहे थे कि कोरोना वायरस वुहान लैब से ही निकला है. इस बात कि स्पष्टता इस बात से पता चलती है कि यह महामारी सबसे पहले वुहान में ही फैली थी. कोरोना की चेपेट में आने वाले कुछ लोग इस लैब के कर्मी भी थे. इसी वजह से इस समय चीन को हर कोई संदेह की दृष्टि से देख रहा है और अमेरिका बार – बार चीन को सच्चाई बताने के लिए चेतावनी दे रहा है.

आपको बता दें कि इस कूटनीति में अमेरिका और चीन के बीच तनाव जारी है. अमेरिका के राष्ट्रपति जो बाइडेन ने चीन को संकेत देते हुए कह चुके हैं कि वर्चस्व की जंग में अमेरिका ही सरताज है. बता दें कि अमेरिका की तरफ से अभी हाल ही में ग्लोबल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट BBB के बारे में भारत शीघ्र ही कोई फैसला ले सकता है. अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडेन ने बिल्ड बैक बेटर योजना का प्रस्ताव दिया था. जिसे चीन को बेल्ट एंड रोड प्रोजेक्ट को काउन्टर करने वाला हथियार समझा जा रहा है. बता दें कि चीन की राजधानी बीजिंग को काबू में रखने के तहत अभी जी – 7 की बैठक में वाशिंगटन की तरफ से आये प्रपोजल पर भारत ने विचार करने की बात कही है.

आपको बता दें कि अगर जी – 7 देश आगे बढ़ते हैं तो एशिया से यूरोप तक चीन का दस्तक देने का सपना देखना टूट जायेगा. चीन को झटका देने वाले इस परियोजना का नेतृत्व दुनिया के सभी बड़े लोकतान्त्रिक देश करेंगे. जो इसमें तकनीकी और आर्थिक मदद भी करेंगे. इस योजना पर कुल 40 ट्रिलियन यूएस डॉलर की लगत का अनुमान है. इस योजना के बारे में भारत का कहना है कि वह इस परियोजना का अध्ययन कर रहा है और वो भी जल्द ही इससे जुड़ सकता है.