राजस्थान कांग्रेस में राजनीतिक नियुक्तियों को लेकर शुरू हुआ घमासान

जहाँ एक तरफ राजस्थान में सियासी संग्राम मचा हुआ है. वही राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला शुरू हो गया है लेकिन इसमें भी अब निर्देशों की अवहेलना का मामला सामने आने लगा है. दरअसल मंगलवार को हुई राजस्थान कांग्रेस कमेटी की वर्चुअल बैठक में पार्टी पदाधिकारियों ने ही मामले को उठाया.

दरअसल प्रदेश प्रभारी अजय माकन ने पार्षदों के मनोनयन को लेकर पार्टी की बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए थे. लेकिन नियुक्तियों में उनका ध्यान नहीं रखा गया जिस वजह से बैठक में काफी विरोध के स्वर सुनाई दिए. वही इस मामले पर पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा ने जांच करवाने की बात कही है. दरअसल अजय माकन ने साफ़ आदेश दिया था कि जो कार्यकर्ता चुनाव लड़ चुके हैं उन्हें नियुक्तियां नहीं दी जाए. लेकिन आदेशो की अवेहलना का मामला सामने आया है.

वही राजेन्द्र चौधरी ने इसका कड़ा विरोध जताते हुए कहा कि निकायों में वाल्मिकी समाज के लोगों को प्रतिनिधित्व नहीं मिला है. इसके साथ ही कई ऐसे लोगों को भी पार्षद मनोनीत कर दिया गया है जो टिकट लेकर चुनाव लड़े और हार गए. जाहिर है कि राजेंद्र चौधरी ने इन नियुक्तियों के मामले को उठाकर सुगबुगाहट छेड़ दी है. जिसे लेकर आगे राजस्थान में कड़ा विरोध देखने को मिल सकता है.