नेशनल अवार्ड विनर बंगाली डायरेक्टर बुद्धदेब दासगुप्ता का निधन, सीएम ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजली

नेशनल अवार्ड विनर बंगाली डायरेक्टर बुद्धदेब दासगुप्ता का निधन, सीएम ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजली

नेशनल अवार्ड विनर बंगाली डायरेक्टर बुद्धदेब दासगुप्ता का निधन, सीएम ममता बनर्जी ने दी श्रद्धांजली

नेशनल अवार्ड विनर बंगाली डायरेक्टर बुद्धदेब दासगुप्ता (Buddhadeb Dasgupta) का बढ़ती उम्र की कठिनाइयों के चलते निधन हो गया है। डायरेक्टर की उम्र 77 साल थी। वे किडनी की बीमारी से जूझ रहे थे और जिसके कारण वह रेगुलर डायलिसिस पर रहे थे। उनकी 5 फीचर फिल्मो को नेशनल अवार्ड मिल चुका है। इसके अलावा 2 फिल्मों के लिए उन्हें बेस्ट डायरेक्टर के लिए नेशनल अवॉर्ड से नवाजा जा चुका है।

उनके निधन की खबर पर वेस्ट बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी (Mamata Banerjee) ने श्रद्धांजली दी है। सीएम ने अपने ट्वीट में उनके निधन को बंगाली फिल्म जगत के लिए बहुत बड़ी क्षति बताया है। सीएम ने अपने ट्वीट मे कहा, "मशहूर फिल्म निर्माता बुद्धदेब दासगुप्ता के निधन पर दुखी हूं। उन्होंने अपनी रचनाओं के माध्यम से सिनेमा की भाषा में गीतात्मकता का संचार किया। उनका निधन फिल्म जगत के लिए अपूरणीय क्षति है। उनके परिवार, सहकर्मियों और प्रशंसकों के प्रति संवेदना।"

बता दें कि गौतम घोष और अपर्णा सेन के साथ बुद्धदेब दासगुप्ता 1980 और 1990 के दशक में बंगाल में पैरलेल सिनेमा लेकर आए थे। फेमस डायरेक्टर ने अपने करियर में पांच बार सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म के लिए नेशनल फिल्म अवार्ड जीता था, जिसमें 'बाग बहादुर' (1989), 'चराचर' (1993), 'लाल दरजा' (1997),'मोंडो मेयर उपाख्यान' (2002) और 'कालपुरुष' (2008) शामिल हैं। इसके साथ ही उनकी 'दूरत्व' (1978) और 'तहदार कथा' (1993) ने बंगाली में सर्वश्रेष्ठ फीचर फिल्म का राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार जीता। उन्हें उनकी दो फिल्मों 'उत्तरा' (2000) और 'स्वप्नेर दिन' (2005) के लिए सर्वश्रेष्ठ निर्देशक पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।