अयोध्या में बन रहे राम मंदिर के जमीन को लेकर फिर विवाद हुआ शुरू, आईये जानते हैं विवाद के बारे में

अयोध्या में पांच सदी के बाद अब जाके प्रभु श्री राम के मंदिर का निर्माण कार्य चल रहा है. इतने लम्बे समय से इंतजार के बाद ये शुभ अवसर आया है. राम मंदिर का विवाद काफी लम्बे समय से चल रहा था. जो अब जाके कुछ दिन पहले पूरा हुआ है. जहाँ एक तरफ अयोध्या में मंदिर निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है तो वहीं दूसरी ओर राम मंदिर से जुड़े जमीन की खरीद में घोटाले के आरोपों को लेकर ट्रस्ट घिरा हुआ दिखायी दे रहा है.

बता दें कि श्री राम प्रभु के जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा इस पुरे विवाद पर केन्द्र सरकार को रिपोर्ट भेजी गई है. राम मंदिर जमीन पर लगे आरोपों को ट्रस्ट ने विपक्षी दलों की साजिश बताया है. आपको बता दें कि ट्रस्ट कि तरफ से केन्द्र सरकार के अलावा भारतीय जनता पार्टी और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ को भी रिपोर्ट भेजी गई है. जिसमें जमीन खरीद के बारे में सभी प्रकार की जानकारी भी दी गई है. साथ ही ये भी समझाया गया है कि किस प्रकार से जमीनों के दाम अलग – अलग हैं.

ट्रस्ट द्वारा मंदिर को लेकर जारी किये गये तथ्य के बारे में जानते हैं. मंगलवार को प्रभु श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट द्वारा जमीन खरीद को लेकर दावा किया गया है कि जो जमीन खरीदी गई है वह जमीन प्राइम लोकेशन पर है इसलिए इसके दाम अधिक हैं. साथ ही तथ्य में जमीन के दाम भी बताये गये हैं. उसमें स्पष्ट रूप से बताया गया है कि जमीन का दाम 1423 प्रति स्क्वायर फीट है. बता दें कि राम मंदिर से जुड़ी जमीनों का आरोप समाजवादी पार्टी,आमआदमी पार्टी और कांग्रेस पार्टी द्वारा लगया गया है. उनका कहना है कि राम जन्मभूमि ट्रस्ट ने मंदिर के लिए साढ़े 18 करोड़ रूपए में जमीन खरीदी है. उन्होंने ये भी कहा कि इस जमीन की कीमत 10 मिनट पहले 2 करोड़ रूपए थी. ऐसे में विपक्षी पार्टियों का कहना है कि जमीन खरीद में घोटाला हुआ है.