जिला पंचायत अध्यक्ष पद के चुनाव में सपा को बीजेपी ने दिया तगड़ा झटका

उत्तर प्रदेश में भले ही विधानसभा चुनाव अगले साल होने है लेकिन सियासी हलचल अभी से ही देखने को मिल रही है. दरअसल चुनावों से पहले ही नेताओं और विधायकों का दल बदल का सिलसिला शुरू हो गया है. वही जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव को लेकर भी काफी सियासत देखने को मिली है. भले ही सपा जिला पंचायत सदस्य के चुनाव में अधिक सीटें जीत कर नंबर वन बनी है लेकिन जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में बीजेपी ने बाजी मार ली है.

जानकारी के लिए बता दें कि जिला पंचायत अध्यक्ष के चुनाव में नामांकन वापसी के बाद यूपी के 75 जिलो में से 22 जिला पंचायत अध्यक्ष निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं. जिसमे से 21 बीजेपी के और 1 इटावा से सपा का जिला पंचायत अध्यक्ष चुना गया है. लेकिन UP के पीलीभीत जिले में बड़ा खेला देखा गया है. बता दें कि बीजेपी से जीते हुए जिला पंचायत सदस्य को जहाँ एक तरफ सपा ने अध्यक्ष पद का कैंडिडेट बनाया था और इसे अपने बड़ी कामयाबी करार दिया था. उसी कैंडिडेट स्वामी प्रवक्ता नंद ने बीजेपी के विधायकों के साथ जाकर अपना नामांकन वापस ले लिया और बीजेपी प्रत्याशी को समर्थन करने का ऐलान कर दिया.

वही दूसरी तरफ अब इस मामले पर बीजेपी जिलाध्यक्ष ने इसे सर्जिकल स्टाइक बताते हुए कहा कि स्वामी जी हमारे हैं और हमारे ही रहेंगे. ये हमारी रणनीति में राजनीति के हिस्से का एक भाग है. जिसको उन्होंने पूरा किया है. साथ ही साथ बीजेपी जिलाध्यक्ष ने सपा पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह से सपा को अपने नेताओं को नजरअंदाज कर दलबदलू नेताओं को टिकट देना मंहगा पड़ा और पीलीभीत की जीती हुई सीट गंवा दी.