असम के बाद अब उत्तर प्रदेश में जनसंख्या नियंत्रण क़ानून लागू करने की तैयारी, विधि आयोग तैयार कर रहा क़ानून का मसौदा

उत्तर प्रदेश में भी अब जनसँख्या नियंत्रण क़ानून लागू करने की तैयारियां शुरू हो गई है. इसके लिए राज्य विधि आयोग ने क़ानून का मसौदा तैयार करना भी शुरू कर दिया है. भले ही अभी तक इस क़ानून का मसौदा तैयार न हुआ हो लेकिन इसको लेकर विवाद अभी से शुरू हो गए हैं. जिस तरह से CAA को मुस्लिम विरोधी बता कर प्रचारित किया गया उसी तरह से जनसँख्या नियंत्रण के लिए लाये जा रहे क़ानून को भी मुस्लिम विरोधी बताया जा रहा है. हालाँकि आयोग ने इन आरोपों को पूरी तरह से खारिज कर दिया है.

देश में बेहिसाब बढती जनसँख्या की वजह से रोजगार, खाद्यान्न और आवस सम्बन्धी समस्याओं का सामना इस देश को करना पड़ रहा है. इन सब समस्याओं पर रोकथाम के लिए देश में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून की मांग लम्बे समय से होती रही है. लेकिन इसको लेकर एक धर्म विशेष की तरफ से विरोध के स्वर भी उठते रहे हैं. विधि आयोग के अध्यक्ष आदित्यनाथ मित्तल ने कहा, ‘हमारा मानना है कि जनसंख्या पर नियंत्रण होना चाहिए. हम यूपी में यह संदेश नहीं देना चाहते कि हम किसी धर्म विशेष या किसी के मानवाधिकारों के खिलाफ हैं. हम बस यह देखना चाहते हैं कि सरकारी संसाधन और सुविधाएं उन लोगों को उपलब्ध हों जो जनसंख्या नियंत्रण में मदद कर रहे हैं और योगदान दे रहे हैं.’

हाल ही में असम सरकार ने राज्य में जनसँख्या नियंत्रण क़ानून को चरणबद्ध तरीके से लागू करने की घोषणा की है. असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने भी दो-टूक कहा है कि राज्य सरकार कुछ विशेष सरकारी योजनाओं का लाभ देने में दो बच्चा नीति लागू करेगी. ये निति सभी योजनाओं में लागू नहीं किया जाएगा. क्योंकि कई योजनायें केंद्र के सहयोग से चलती है. सीएम हेमंत बिस्वा ने कहा कुछ योजनाओं में हम दो बच्चा नीति को लागू नहीं कर सकते. जैसे-स्कूलों और कालेजों में मुफ्त नामांकन या प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मकान देने में इसे लागू नहीं किया जा सकता, लेकिन यदि राज्य सरकार की ओर से कोई आवास योजना लागू की जाती है तो उसमें दो बच्चा नीति को लागू किया जा सकता है. आगे चलकर धीरे-धीरे जनसंख्या नीति को राज्य सरकार की हर योजना में लागू किया जाएगा. उम्मीद जताई जा रही है कि यूपी का जनसँख्या नियंत्रण क़ानून असम से काफी हद तक प्रभावित होगा क्योंकि दोनों ही राज्यों में बीजेपी की सरकार है.