RBI ने करोड़ों प्रीपेड यूजर्स को दी बड़ी राहत, अब बिना झंझट के इस तरह कीजिए अपना मोबाइल रिचार्ज

मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज

मोबाइल प्रीपेड रिचार्ज

नई दिल्ली। आज से कुछ साल पहले मोबाइल रिचार्ज कूपन के जरिए हुआ करता है, जिसका चलन अब ना के बराबर है। उसके बाद ऑनलाइन ही प्रीपेड रिचार्ज होने लगे जो आज भी हम सब किया करते हैं। अब भारतीय रिजर्व बैंक (Reserve Bank Of India) ने देश में करोड़ों की संख्या में प्रीपेड सेवा यूजर्स को राहत दी है। आरबीआई ने कहा कि भारत बिल भुगतान प्रणाली (Bharat Bill Pay System) का दायरा बढ़ाते हुए उसमें बिलर के तौर पर 'मोबाइल प्रीपेड रीचार्ज' (Mobile prepaid recharge) की सुविधा जोड़ दी जाएगी। इससे देश में प्रीपेड फोन सेवा के करोड़ों यूजर्स को मदद मिल सकती है। सितंबर 2019 में बीबीपीएस की गुंजाइश और दायरा बढ़ाते हुए उसमें बार-बार बिल भेजने वाले (मोबाइल प्रीपेड रीचार्ज को छोड़कर) सभी श्रेणियों के बिलर (बिल भेजने वाली कंपनी) को स्वैच्छिक आधार पर पात्र प्रतिभागियों के तौर पर जोड़ा गया था।

आरबीआई ने जारी किया नया सर्कुलर

इससे पहले BBPS के जरिए आवर्ती बिलों के भुगतान की सुविधा केवल पांच सेगमेंट में उपलब्ध थी जिनमें डायरेक्ट टू होम (Door To Home), बिजली, गैस, दूरसंचार और पानी शामिल हैं। रिजर्व बैंक ने एक सर्कुलर में कहा कि अलग-अलग बिलर श्रेणियों में नियमित वृद्धि के साथ और मोबाइल प्रीपेड ग्राहकों को रीचार्ज कराने की खातिर और विकल्प उपलब्ध कराने की सुविधा प्रदान करने के लिए, BBPS में स्वैच्छिक आधार पर बिलर कैटेगरी में 'मोबाइल प्रीपेड रीचार्ज' को मंजूरी देने का फैसला किया गया।

प्रीपेड फोन सेवा के 110 करोड़ यूजर्स

भारत में दिसंबर 2020 में प्रीपेड फोन सेवा के 110 करोड़ उपयोगकर्ता थे। रिजर्व बैंक ने कहा कि इसका 31 अगस्त को या उससे पहले कार्यान्वयन किया जाएगा। बीबीपीएस बिल भुगतान की एक एकीकृत प्रणाली है जो ग्राहकों को ऑनलाइन अंतर-संचालित बिल भुगतान सेवा प्रदान करती है और साथ ही एजेंटों के नेटवर्क के जरिए भी ऑफलाइन यह सुविधा देती है। बीबीपीएस नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया (एनपीसीआई) के अंतर्गत काम करता है।