पीएम मोदी की नई कैबिनेट में 13 वकील, 6 डॉक्टर, 5 इंजिनियर के अलावा 7 पूर्व नौकरशाह भी, कोई है गायनकोलॉजिस्‍ट तो किसी ने…

अपने दूसरे कार्यकाल के पहले बड़े कैबिनेटी फेरबदल में पीएम मोदी ने सबको चौंका दिया. कई बड़े नेताओं के पदों की बलि ले कर उनकी जगह प्रोफेशनल्स को तरजीह दी गई है. अपने इस कैबिनेट में फेरबदल कर पीएम मोदी ने ये भी सन्देश दिया है कि मंत्री पद पर वही रह सकते हैं जो परफॉर्म करेंगे. अगर वो परफॉर्म नहीं करेंगे तो उनकी जगह लेने के लिए एक से एक काबिल लोग कतार में हैं.

पीएम मोदी की इस नयी कैबिनेट में 13 वकील, 7 पूर्व नौकरशाह, 6 डॉक्टर के अलावा 5 इंजीनियर, 3 MBA है जबकि 7 मंत्रियों ने पीएचडी की डिग्री ले रखी है. इस कैबिनेट फेरबदल में सबसे चौंकाने वाला चेहरा रहा अश्विनी वैष्णव का. वैष्णव को रेल मंत्रालय के साथ साथ सूचना और प्रौद्योगिकी मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. वैष्‍णव ओडिशा से राज्‍यसभा सांसद हैं. वह आईआईटी कानपुर से एमटेक और वॉर्टन से एमबीए कर चुके हैं. राजनीति में आने से पहले वो GE और सिमंस जैसी मल्‍टीनैशनल्‍स में भी काम कर चुके हैं.

जेडीयू कोटे से मंत्री बने आरसीपी सिंह भी पहले आईएएस रह चुके हैं. उन्हें इस्पात ,मंत्रालय की जिम्मेदारी सौंपी गई है. राज्‍य मंत्री बनाए गए राजीव चंद्रशेखर के पास एमटेक की डिग्री है, वह हार्वर्ड से ऐडवांस्‍ड मैनेजमेंट प्रोग्राम भी पूरा क‍र चुके हैं. पश्चिम बंगाल के बांकुरा के सांसद सुभाष सरकार के एक गायनकोलॉजिस्‍ट हैं. उन्हें शिक्षा राज्य मंत्री बनाया गया है. भागवत किशनराव भी पेशे से डॉक्‍टर हैं. वो महाराष्ट्र से पहली बार राज्यसभा पहुंचे हैं. किसनराव को वित्त राज्यमंत्री का कार्यभार सौंपा गया है.

विदेश, संस्‍कृति मंत्रालय में राज्‍य मंत्री बनाई गईं मीनाक्षी लेखी सुप्रीम कोर्ट की वकील हैं. जबकि असम के मुख्‍यमंत्री रहे सर्वानंद सोनोवाल के पास भी एलएलबी की डिग्री है. सोनोवाल को आयुष मंत्रालय के साथ साथ जहाजरानी मंत्रालय की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है. संगठन में रहते हुए अपनी पहचान बनाने वाले भूपेन्द्र यादव के पास भी वकालत की डिग्री है.