कभी 1 रुपए के लिए तरसे परिवार के लोग, बेटी ने कड़ी मेहनत और लगन से पाई सफलता की सीढ़ी

कहते हैं कि सफलता अमीरी और गरीबी नहीं देखती, सफलता सिर्फ परिश्रम देखती है और इस बात को साबित किया है उत्तर प्रदेश के बिजनौर में रहने वाली खेतिहर मजदूर की बेटी चारुल ने. चारुल ने कड़ी मेहनत कर मेडिकल एंट्रेंस परीक्षा मे सफलता हासिल की और एम्स नई दिल्ली (AIIMS, New Delhi) में दाखिला पाया.

बात करें, चारुल की तो चारुल उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के कीरतपुर गांव की रहने वाली हैं. चारुल ने अपनी जिंदगी में तमाम उतार-चढ़ाव देखे हैं. यहां तक कि उनका परिवार कभी कभी तो 1 रुपए के लिए भी तरसा हैं.

चारुल बताती हैं कि, ‘मुझे वह समय अभी भी याद है, जब हमारे पास घर में एक रुपया भी नहीं था. कुछ खरीदने के लिए पिताजी को दूसरे से उधार लेना पड़ता था.’ बता दें कि चारुल ने काफी संघर्षों का सामना किया है.

आपको बता दें कि चारुल ने नीट परीक्षा ऑल इंडिया 631वीं रैंक प्राप्त की. SC कैटेगरी में इनकी 10 वीं रैंक रही. चारुल काफी होनहार छात्रा रहीं हैं. 12वीं की परीक्षा में चारुल के 93% आएं.

बताते चलें कि चारुल का गांव बिजनौर जिला मुख्यालय से करीब 43 किलोमीटर दूरी पर है. यहां पर इंटरनेट की भी काफी समस्या है जिसके कारण चारुल घर की छत पर ऑनलाइन क्लास लेती हैं.

डॉक्टरी की पढ़ाई करने वाली चारुल शुक्रिया अदा करते हुए कहती हैं कि, ‘मेरी गांव की लड़कियों की जल्दी शादी हो जाती है. इसलिए उन्हें मजबूरन पढ़ाई छोड़नी पड़ती है. मुझमें भरोसा जताने के लिए मैं अपने पेरेंट्स की बहुत शुक्रगुजार हूं.’ चारुल का सपना है कि वो एमबीबीएस (MBBS) की डिग्री लेकर गांव के लोगों की सेवा करें.