मोदी ने रचा ऐसा चक्रव्यूह, अब 2022 में यूपी में दुबारा जीत पक्की

केंद्रीय मंत्रिपरिषद के विस्तार की लम्बे समय से हो रही प्रतिक्षा अब खत्म हो गई है. बीते दिन बुधवार को मंत्रिपरिषद का विस्तार नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में कर लिया गया है. इसके पहले से बड़े विस्तार और साथ ही फेर बदल से यही स्पष्ट हुआ कि नए मंत्रियों के चयन में योग्यता एवं अनुभव को प्राथमिकता देने के साथ ही क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का विशेष ध्यान रखा गया है. बता दें कि लोकतंत्र में ऐसा करना आवश्यक होता है.

इसी के साथ ही आप ये भी जान लें कि आगामी वर्ष 2022 में उत्तर प्रदेश में विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यूपी के सात मंत्री बनाये गये हैं. मंत्रिमंडल परिषद के विस्तार में उत्तर प्रदेश से तीन दलित, तीन ओबीसी और एक ब्राम्हण समुदाय को स्थान दिया गया है. इसी के साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंत्रिमंडल के विस्तार के माध्यम से उत्तर प्रदेश में जातीय और क्षेत्रीय संतुलन बनाने के साथ – साथ मजबूत चक्रव्यूह भी गढ़ दिया है. जिसको भेद पाना विपक्ष के लिए बहुत मुश्किल होगा.

उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए केंद्रीय मंत्रिमंडल विस्तार में सात मंत्रियों को शामिल किया गया है. जिसमें भारतीय जनता पार्टी के कोटे से पंकज चौधरी, भानु प्रताप वर्मा, बीएल वर्मा, कौशल किशोर, एसपी सिंह बघेल और अजय मिश्र और इसके अलावा अपनने दल से अनुप्रिया पटेल को भी अवसर दिया गया है. ऐसा माना जा रहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इन सातों मंत्रियों का चुनाव बहुत ही बारीकी से किया है. इसी के साथ ही जातिगत समीकरण और क्षेत्रीय संतुलन बनाने का ध्यान रखा गया है. इसी के साथ ही उत्तर प्रदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर 9 मंत्री पहले से थे और अब यह आकड़ा बढ़कर 16 पर पहुंच गया है.