मिशन 2022: चुनावों को लेकर अखिलेश यादव और जयंत चौधरी ने बनायीं रणनीति, इस समीकरण पर खेलेंगे बड़ा दांव

उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है. जिसके लिए सभी दल अपनी अपनी तैयारियों में लगे हुए है. वही समीकरण बनाने और गठबंधन का सिलसिला भी शुरू हो गया है. दरअसल सभी दल UP की सत्ता में वापसी के लिए अपनी नयी नयी रणनीति बना रहे है. मालूम को कि बसपा ने ब्राह्मण समुदाय को लुभाने के लिए ब्राह्मण सम्मलेन शुरू कर दिया है. जबकि सपा-आरएलडी पश्चिम यूपी में जाट-मुस्लिम का समीकरण बनाने की कवायद में हैं.

इसी सिलसिले में सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव और आरएलडी सुप्रीमो जयंत चौधरी के बीच रविवार को दिल्ली में बैठक हुई. जिसमें वेस्टर्न यूपी के राजनीतिक समीकरण को मजबूत बनाने की रणनीति पर चर्चा भी हुई.  जानकारी के लिए बता दें कि जाट-मुस्लिम को एक बार फिर से साथ लाने के लिए आरएलडी 27 जुलाई से भाईचारा सम्मेलन शुरू कर रही है. इसके अलावा जानकारी के लिए बता दें कि आरएलडी और सपा गुर्जर, सैनी, कश्यप समाज के साथ ब्राह्मणों को भी जोड़ने की पूरी कोशिश में हैं. 

दरअसल मालूम हो कि UP में जाट समुदाय की आबादी करीब 4 फीसदी है जबकि पश्चिम यूपी में यह 17 फीसदी के आसपास है और मुस्लिम आबादी यूपी में 20 फीसदी है. लेकिन पश्चिम यूपी में करीब 35 से 50 फीसदी तक है. जिस वजह से मुस्लिम ओर जाट समुदाय मिलकर करीब 100 विधानसभा सीटों पर निर्णायक भूमिका अदा करते हैं. और इसी वजह से सपा और आरएलडी दोनों समुदाय को एक करने में लगी हुई है ताकि चुनावों में दोनों ही समुदाय एक बड़ी भूमिका निभा सके और इसका फायदा सपा और आरएलडी को मिल सके.