Birthday Special : लाइम लाइट से दूर रहती हैं सोनू सूद की पत्नी, ऐसी थी एक्टर की लव स्टोरी

सोनू सूद (फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया)

सोनू सूद (फोटो क्रेडिट: सोशल मीडिया)

Sonu Sood Birthday : बॉलीवुड एक्टर सोनू सूद (Sonu Sood) आज अपना जन्मदिन मना रहे हैं। सोनू सूद (sonu sood) ने भले ही फिल्मी पर्दे पर विलेन का किरदार निभाया हो, लेकिन रियल जिंदगी में वो लोगों के लिए किसी फरिश्ते से कम नहीं है। कोविड महामारी (Covid Pandemic) में सोनू सूद ने जो लोगों के लिए किया वो कोई नहीं कर सकता है, सोनू अब सुपरहीरो बन गए हैं और जिन लोगों की उन्होंने मदद की वो लोग उन्हें अपना भगवान मानते हैं। आज सोनू सूद के जन्मदिन के मौके पर हम उनकी निजी जिंदगी के बारे में आपको बताने जा रहे हैं।

सोनू सूद का जन्म 30 जुलाई 1973 को पंजाब के मोगा में हुआ था। इसके बाद वह उच्चा शिक्षा के लिए नागपुर चले गए। वहां उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स में इंजीनियरिंग की पढ़ाई की है। सोनू सूद ने साल 1996 में सोनाली (Sonali Sood) से शादी की और उनके दो बेटे है, जिनका नाम इशांत सूद (Ishaant Sood) और अयान सूद (Ayaan Sood) है। सोनू सूद की पत्नी सोनाली हमेशा लाइम लाइट से दूर रहती है। खबरों की मानें तो सोनू और सोनाली की मुलाकात नागपुर में ही हुई थी। सोनू जिस कॉलेज से इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर रहे थे। वहीं से ही सोनाली एमबीए कर रही थी। दोनों एक-दूसरे के काफी अच्छे दोस्त थे। इसके बाद कब दोनों को प्यार हो गया पता ही नहीं चला चला। सोनाली सोनू की पहली गर्लफ्रेंड थी और उन्होंने अपने पहले प्यार से ही शादी की। सोनाली ने सोनू सूद का स्ट्रगलिंग के टाइम पर काफी साथ दिया। इसका खुलासा उन्होंने एक इंटरव्यू में किया था।

अपनी पत्नी को लेकर क्या बोले थे सोनू सून

एक इंटरव्यू के दौरान सोनू सूद ने कहा ''मेरी पत्नी तेलगु (Teluguite) है, लेकिन उनका जन्म मुंबई में हुआ है। उनके माता-पिता हैदराबाद से हैं,गोदावरी से भी उनका गहरा नाता है, मुझे गर्व है कि मेरी प्रोफेशनल लाइफ जीवन के अलावा पर्सनल लाइफ से भी मेरा तेलुगू से कनेक्शन है।''

कोविड में मसीहा बने सोनू सूद

कोविड महामारी के दौरान जब देश में लॉकडाउन लगा था। हर कोई अपने घरों में कैद था। उस समय सोनू सूद लोगों की मदद के लिए सड़क पर खड़े थे। एक्टर ने अपनी जान की परवाह किए बिना लोगों की मदद की और एक ऐसी टीम खड़ी की, जिसे लोगों तुरंत मदद मिली। सोनू ने जमीनी स्तर पर काम किया। उन्होंने हजारों फंसे हुए भारतीय प्रवासी मजदूरों को बसों, ट्रेनों और चार्टर्ड प्लेन्स से उनके घरों में पहुंचाया। यहीं नहीं 10 जुलाई 2020 को सोनू ने कजाकिस्तान में फंसे 1500 से ज्यादा भारतीय छात्रों को उनके घर भेजने की पूरी व्यवस्था की। महामारी के दौरान उन्होंने जो भी किया उसे देखकर हर कोई सोनू के जज्बे को सलाम करता है।