विश्व बंट चुका है तो टुकडो में, जानिये किस तरफ है भारत

दुनिया कभी भी एक सी नही रहती है और ये तो हम अपने इतिहास से सीखते ही रहते है. कहीं न कही चीजे बदलती ही रहती है और इस बदलते हुए दौर में आप हमेशा न्यूट्रल बनकर के नही रह सकते है ये भी एक सत्य है. ऐसे में जरूरी तो हो ही जाता है कि तेजी के साथ में चीजो को उस तरफ ढाला जाए जिस तरफ आपका फायदा सबसे अधिक हो और भारत का फायदा किस तरफ है ये हमको समझ में आने लग चुका है.

एक तरफ चीन और दूसरी तरफ अमेरिका, भारत का झुकाव अमेरिका की तरफ
विश्व में अभी शीत युद्ध के लिए दो अर्थव्यवस्थाएं लगभग तैयार नजर आ रही है इसमें एक तरफ चीन और उसके सहयोगी देश जैसे पाकिस्तान, रूस और नार्थ कोरिया है जबकि दूसरी तरफ अमेरिका है जहाँ पर उसकी तरफ उसके सहयोगी मित्र ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जापान और साउथ कोरिया जैसे देश है. भारत ने क्वाड जैसा संगठन ज्वाइन करके ये स्पष्ट कर दिया है कि अब हम न्यूट्रल तो शायद ही रहने वाले है और अमेरिकी पक्ष की तरफ अपने पक्ष को मजबूत करते हुए नजर आ सकते है.

वही बात करे हमारे धुर विरोधी यानी पाकिस्तान की तो ये देश अपने आप में अलग ही लेवल पर चल रहा है. पाक के प्रधानमंत्री इमरान खान ने अभी हाल ही में एक बयान दिया है कि अमेरिका चाहता है हम चीन के साथ में अपने संबंधो को कम कर ले. इसके बावजूद पाक सीपैक पर काम कर रहा है और इससे पता चल ही जाता है कि पाक अब किसकी साइड है और आगे चलकर के क्या चाह रहा है.

इन चीजो से स्पष्टता मिल चुकी है कि आने वाले दो से चार वर्षो में दुनिया पहले जैसी नही रहने वाली है. शायद पुराने दोस्त दोस्त नही रहेंगे और नए लोगो से मित्रता भी अनुभव करने को मिलने जा रही है.