गहलोत-पायलट में सुलह के संकेत, कई विधायकों को मिली अहम जिम्मेदारी

राजस्थान कांग्रेस में कलह खत्म नहीं हो रही है. दरअसल गहलोत गुट और सचिन पायलट गुट के बीच में तनाव बना ही हुआ है. जिसके कारण राजस्थान की सियासत में आये दिन हलचल मची हुई है और इन्ही कारणों से राजस्थान में कलह कम नहीं हो पा रही है. जानकारी के लिए पता हो कि जहाँ एक तरफ पायलट गुट लगातार कैबिनेट विस्तार को लेकर मांग कर रहा है. वही कैबिनेट विस्तार को लेकर एक बड़ी जानकारी सामने आ रही है.

जानकारी के लिए बता दें कि गहलोत और पायलट गुट में सुलह होने के आसार नजर आ रहे है. दरअसल इस्तीफा दे चुके पायलट समर्थक विधायक हेमाराम चौधरी का इस्तीफा नामंजूर कर लिया गया है. हालाँकि इसकी अभी तक आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है. लेकिन इनका इस्तीफा मंजूर करने के बजाये उन्हें विधानसभा के राजकीय उपक्रम समिति का सभापति बना दिया गया है.

जिसके बाद अब पायलट गुट के कई विधयाकों को नयी जिम्मेदारी मिलने के संकेत सामने आ रहे है. जिसके साथ ही ये भी कयास लगाये जा रहे है कि जल्द ही दोनों गुट में तनाव कम हो सकता है. बता दें कि सचिन पायलट समर्थक विधायक मुरारीलाल मीणा को जनलेखा समिति और सरकारी आश्वासनों संबंधी समिति सदस्य बनाया है. जबकि वेद प्रकाश सोलंकी को विशेषाधिकार समिति और अधीनस्थ विधान समिति, राकेश पारीक को नियम समिति, पर्यावरण संबंधी समिति में सदस्य बनाया है. इसके अलावा रामनिवास गावड़िया को पुस्तकालय समिति और पिछड़े वर्ग के कल्याण संबंधी समिति में लिया है.