सुप्रीम कोर्ट में शुरू हुई सुनवाई, बंगाल में राष्ट्रपति शासन?

अभी पश्चिम बंगाल में क्या कुछ हो रहा है वो किसी से भी छुपा हुआ नही है और इस कारण से देश भर में चिंता का माहौल बना हुआ है. जिस तरह से बंगाल में चुनाव के बाद टीएमसी की जीत हो जाने के बाद में लगातार बीजेपी के लोगो को असम में भागकर के पानी जान बचानी पड़ी है उसके बाद में नेशनल लेवल पर लोगो ने अपनी तरफ से दुःख जताया और केंद्र से लेकर गृह मंत्रालय भी अपनी तरफ से इस मामले पर अपनी चिंता जता चुका है लेकिन कुछ कर नही पा रहा था.

सुप्रीम कोर्ट ने स्वीकार की याचिका, बंगाल में राष्ट्रपति शासन पर बात
सुप्रीम कोर्ट में हाल ही में एक याचिका दायर की गयी है जिसमे बात की जा रही है कि जिस तरह से बंगाल में प्रशासनिक स्थिति संभाल पाने में ममता सरकार विफल हो गयी है उसके बाद में क्यों न राज्य में राष्ट्रपति शासन लगा दिया जाये? सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले पर न सिर्फ याचिका स्वीकार की है बल्कि इस पर केंद्र सरकार से जवाब तलब भी किया है.

ऐसे में जाहिर तौर पर ममता सरकार की धडकने बढना तो तय है क्योंकि कही न कही स्थिति के हिसाब से बात की जाये तो अभी सरकार पर काफी अधिक आरोप लग रहे है और इस कारण से देश की सर्वोच्च न्यायिक शक्ति यानी सुप्रीम कोर्ट को इस मामले में आना पड़ा है जो एक अच्छा संकेत ममता सरकार के लिए तो बिलकुलभी नही है.

खैर अब आगे बंगाल में क्या होता है ये तो पूर्ण रूप से केंद्र की सरकार सुप्रीम कोर्ट में क्या कहती है और उनकी नजर में क्या कुछ हो सकता है या फिर किया जा सकता है उसी पर ही निर्भर करता है. अभी के लिए ममता सरकार से भी पक्ष रखने के लिए कहा जाएगा जिस पर उनको भी काफी कुछ कहना होगा.