भारत के खिलाफ जंग की तैयारी! चीन ने तिब्बतियों के लिए जारी किया ये बड़ा आदेश

चाइना पिछले वर्ष भी भारत के हाथों बुरी तरह मात खा चुका है जिस वजह से वह सीधे भिड़ने से बच रहा है, अब वह तिब्बतियों को अपना हथियार बनाने की तैयारी कर रहा है।

पीएलए में होगा अब हर घर का एक व्यक्ति

इंडिया टुडे में कथित यह खबर चौका देने वाली है कि चाइना में यह आदेश जारी किए गए हैं कि अब हर घर में से एक व्यक्ति पीएलए में हिस्सा लेगा। लद्दाख अरुणाचल प्रदेश उत्तराखंड में तैनात करने के लिए इन तिब्बतियन नागरिकों को स्पेशल मिलिट्री ट्रेनिंग दी जाएगी।

हर स्तर पर होगा लॉयल्टी टेस्ट

लॉयल्टी टेस्ट के पश्चात ही तिब्बतियों को सेना में भर्ती किया जाएगा। इसके अंतर्गत उन तिब्बतियन को मंडारिन भाषा भी सीखनी होगी । साथ ही उन्हें चाइनीस कम्युनिस्ट पार्टी को अपने सभी विश्वासों के ऊपर सुप्रीम मानना होगा।

चीन ने क्यों लिया यह फैसला

चीन का तिब्बतियों को पीएलए में शामिल इसलिए करना चाहता है क्योंकि तिब्बत में रहने वाले लोग हिमालय की अधिक सर्च और कठोर मौसम को झेलने के आदी हैं जबकि पीएलए में पहले से भर्ती सैनिक उस ठंड नहीं सह पा रहे हैं।

चाइना इसीलिए भी और तिब्बतियों को पीएलए में शामिल करना चाहता है ताकि वह इंटरनेशनल प्रेशर को कम कर सके और दुनिया को यह दिखा सके कि तिब्बती अपनी मातृभूमि को बचाने में शहीद हो गए। इस प्रकार वह भारत के खिलाफ अपनी रणनीति को अंजाम देना चाहता है।

चीन इसी साल फरवरी से शुरू कर चुका है भर्तियां

तिब्बतियों को अपनी सेना में शामिल करने का सिलसिला लद्दाख में हुई चीज बड़ी हार के बाद शुरू हुआ। यह भी संज्ञान में आया है कि चीन तिब्बत पर पकड़ बनाने के साथ-साथ दलाई लामा के प्रभाव को भी तिब्बतियों के दिमाग से हटा देना चाहता है।

चीन अपने इरादों में रहेगा असफल

भारतीय सेना चाइना के इस संयंत्र से वाकिफ है पर वह जानती है कि चीन इसमें कामयाब नहीं हो पाएगा क्योंकि तिब्बत के लोग अच्छे से जानते हैं कि चाय ना उनके देश पर कब्जा करने वाला हमलावर है और उसे आजाद कराने के लिए दुनियाभर के देश और लाखों लोग कोशिश कर रहे हैं।