शूटर फिल्म के हरियाणा-पंजाब में रिलीज करने पर लगी रोक हटाने की याचिका खारिज, क्या है इस फिल्म पर विवाद

पंजाबी गैंगस्टर सुक्खा काहलवां पर आधारित फिल्म "शूटर' की हरियाणा-पंजाब में रिलीज करने पर लगी रोक के खिलाफ याचिका को हाईकोर्ट ने खारिज करते हुए वापिस लेने की छूट दे दी। कोर्ट को बताया गया कि पंजाब सरकार ने फिल्म पर 12 जुलाई से दो महीने के लिए राज्य में दिखाने पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस जानकारी के बाद कोर्ट ने याची को याचिका वापिस लेने की छूट देते हुए याचिका को खारिज कर दिया ताकि याची नए तथ्यों के साथ याचिका दायर कर सके। फिल्म निर्माता केवल सिंह द्वारा दायर याचिका में मांग की गई थी कि हरियाणा व पंजाब सरकार ने फिल्म पर जो रोक लगा रखी है वह कानूनन गलत है।

मामले में बहस के दौरान याची पक्ष के वकील विजय पाल ने बेंच को बताया कि पिछले साल फरवरी माह में हरियाणा - पंजाब सरकार ने अपनी यहां पर फिल्म जारी करने पर दो महीने के लिए रोक की अधिसूचना जारी की थी। 10 मार्च 2020 को केंद्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड ने फिल्म जारी करने का प्रमाण पत्र जारी कर दिया। सुप्रीम कोर्ट भी प्रकाश झा मामले में साफ कर चुका है कि अगर एक बार केन्द्रीय फिल्म प्रमाणन बोर्ड किसी फिल्म को रिलीज प्रमाण पत्र जारी कर दे तो उस पर रोक नहीं लगाई जा सकती। कोर्ट को बताया गया कि याची पक्ष ने पंजाब व हरियाणा सरकार को इस बाबत कानूनी नोटिस देकर फिल्म पर रोक के आदेश वापिस लेने की मांग की थी।

फिल्म शूटर पर क्या है विवाद

यह फिल्म गैंगस्टर सुक्खा काहलवां की जिंदगी पर आधारित है। काहलवां पर तीन दर्जन से ज्यादा आपराधिक मामले दर्ज थे। इस फिल्म पर आरोप थे कि इसमें हिंसा के साथ गन कल्चर को बढ़ावा दिया गया है। इन आरोप के बाद पंजाब के सीएम ने फिल्म के एक प्रोड्यूसर केवी ढिल्लों के खिलाफ एक्शन लेने के भी आदेश जारी किए थे। फिल्म के विवाद में आने के बाद पंजाब , हरियाणा व चंडीगढ़ प्रशासन ने इस फिल्म को प्रतिबंधित कर दिया था।