घर चलाने के लिए कभी करता था जूतों की दुकान पर काम, अब कड़ी मेहनत से बना आईएएस अफसर

राजस्थान के जयपुर में रहने वाले शुभम गुप्ता की कहानी वाकाई युवाओं के लिए काफी प्रेरणादायक है. शुभम ने जयपुर से ही सातंवी तक पढ़ाई की है.आर्थिक परेशानी के कारण इनका परिवार महाराष्ट्र के छोटो गांव में चला गया. गांव में हिंदी या अंग्रेजी मीडियम का एक भी स्कूल नहीं था और शुभम को मराठी में पढना का काफी हो रहा था, जिसके बाद उनके पिता उनका एडमिशन गुजरात में करा दिया जहा उन्होंने  8वीं से 12वीं तक की पढ़ाई पूरी की थी. घर से स्कूल दूर होने के कारण वे अपनी बहिन के साथ सुबह 6 बजे  ट्रेन से स्कूल जाते थे और शाम को 3 बजे के बाद घल वापस आते थे.

इसके अलावा शुभम गुप्ता ने घर चलाने के लिए ममहाराष्ट्र के धानू रोड के पास एक जूते की दुकान खोली और पढ़ाई खत्म करने के बाद वे अपने पिता केसाथ दुकान पर काम करने लग जाते थे. 12 वीं की पढ़ाई करने के बाद शुभम ने दिल्ली यूनिवर्सिटी से बीकॉम और एमकॉम की पढ़ाई की और फिर 2015 में यूपीएससी की तैयारी में जुट गए और पहले प्रयास में ही सफल हो गए.

इसके बाद शुभम गुप्ता ने 2016 में दूसरी बार यूपीएससी का एग्जाम दिया और प्रीलिम्स, मेन्स और इंटरव्यू को क्लीयर करने के बाद  366वीं रैंक प्राप्त कर उनका चयन इंडियन ऑडिट एंड अकाउंट सर्विस में हुआ. 

सरकारी नौकरी के साथ -साथ शुभम यूपीएससी एग्जाम की तैयारी में लगे रहे, लेकिन 2017 में क्लीयर नहीं कर पाए और 2018 में चौथी पर प्यास करने पर 6 ठी रैंक हासिल प्राप्त की और फिर उन्हें महाराष्ट्र कैडर मिला.जानकारी देते हुए बता दें कि जलगांव जिले के  परोला तालुका के सभी स्कूलों में वाई-फाई कनेक्शन लगाने की शुरूआत की थी उन्होंने ट्टीट करते हुए बताया था कि 113 स्कूलों में वाई-फाई कनेक्शन हो चुका है जिसके बाद सोशल मीडिया पर उनकी खूब तारिफ हुई थी.