भाजपा की कथित गुप्त मीटिंग से निकलेगा शिवसेना के लिए खजाना ? फिर से दोस्ती की उम्मीद जगी

नरेंद्र मोदी जब से देश के प्रधानमंत्री पद का कार्यभार संभालना शुरू किये हैं तब से देश में बहुत कुछ बदल गया है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ये दूसरा कार्यकाल चल रहा है. इन बीते दिनों में उन्होंने बहुत सारी योजनायें चलाई और कई ऐसे विभिन्न मुद्दों पर ठोस कदम उठाया है. बता दें कि अपने इसी कड़ी को आगे बढ़ाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर भी कुछ बड़ा कर सकते हैं. आपको बता दें कि वर्तमान में केंद्रीय मंत्रिमंडल में 53 मंत्री हैं. लेकिन संविधान के अनुसार अधिक से अधिक 81 मंत्री बनाये जा सकते हैं. इसके अनुसार मंत्रिमंडल में अभी 28 और लोगों को समायोजित किया जा सकता है. इसी वजह से मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर चर्चा बहुत ही तीव्र गति से चल रही है.

आईये पुरे मामले के बारे में जान लेते हैं. बात ये हैं कि मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार पता चला है कि मंत्रिमंडल विस्तार में व्यापक फेरबदल की संभावना है. ऐसा माना जा रहा है कि मंत्रिमंडल विस्तार में भारतीय जनता पार्टी अपने पुराने सहयोगी शिवसेना को भी शामिल कर सकती है. अब हम आपको द इंडियन एक्सप्रेस में छपे कॉलम राजधानी दिल्ली कॉन्फिडेंशियल के अनुसार बताते हैं कि मंत्रिमंडल विस्तार के लिए इंटेलिजेंस ब्यूरो को कथित तौर पर संभावित मंत्रियों के नामों की एक लिस्ट जाँच के लिए दी गई है.

आपको बता दें कि इसका स्पष्ट वजह यह हो सकता है कि भारतीय जनता पार्टी अपने पुराने सहयोगी शिवसेना को महाराष्ट्र में अस्थिर गठबंधन सरकार को गिराने के लिए साथ देने की उम्मीद कर रही है. इस तरह से ये पता चल रहा है कि शिवसेना को भी मंत्रिमंडल में स्थान मिल सकता है. पिछले कुछ दिनों से शिवसेना के नेता और ‘सामना’ के संपादक संजय राउत का व्यवहार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति नरम दिखायी दिया है. सुलह का सूत्र यह हो सकता है कि उद्धव ठाकरे को महाराष्ट्र का मुख्यमंत्री रहने दिया जाये और देवेंद्र फंडणवीस को नई दिल्ली बुलाया जायेगा.