उत्तर प्रदेश और पंजाब विधानसभा चुनाव में मैदान में उतरेंगे किसान नेता? राकेश टिकैत ने दिया ये जवाब

साल 2022 में उत्तर प्रदेश और पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं. इस बार इन दोनों ही राज्यों के किसान भी विधानसभा चुनाव में ताल ठोकने की तयारी कर रहे हैं. बात अगर उत्तर प्रदेश की करें तो किसान आंदोलन का थोडा बहुत असर बस पश्चिमी उत्तर प्रदेश में ही है. जबकि पूरे पंजाब के किसान इससे जुड़े हैं. तो सवाल ये उठ रहे हैं कि क्या आगामी विधानसभा चुनाव में किसान संगठन भी चुनाव में उतरेंगे तो इसका जवाब भारतीय किसान यूनियन के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने दिया.

न्यूज चैनल आज तक से बातचीत में राकेश टिकैत ने कहा कि किसान नेताओं के चुनाव लड़ने का विकल्प खुला हुआ है. उन्होंने कहा सितम्बर में मुज़फ्फरनगर में एक मीटिंग होगी. इस महापंचायत में हरियाणा, उत्तर प्रदेश, पंजाब से किसान आएंगे और वहीं से आगे की रणनीति तय की जायेगी. टिकैत ने ये भी कहा कि सरकार के पास 2 महीनों का वक़्त है. अगर सरकार के पास कोई योजना है हमसे बातचीत करने की तो वो अपनी तैयारी कर सकती है इन दो महीनों में.

ये पहली बार नहीं है जब राकेश टिकैत ने अपनी राजनीतिक महत्वकांक्षा का इजहार किया हो. इससे पहले वो दो बार चुनावी मैदान में अपनी किस्मत आजमा चुके हैं लेकिन दोनों ही बार उन्हें करारी हार का सामना करना पड़ा था. पहली बार 2007 मे उन्होंने मुजफ्फरनगर की खतौली विधानसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा था लेकिन हार गए. फिर 2014 में अमरोहा से राष्ट्रीय लोक दल पार्टी ने उन्हें टिकट दिया लेकिन इस बार भी मोदी लहर में उन्हें हार का ही सामना करना पड़ा. अब एक बार फिर उन्होंने चुनावी मैदान में उतरने की अपनी मंशा जाहिर कर दी है.