पंजाब में सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाकर ‘हिन्दू विरो’धी’ का ठप्पा बर्दाश्त कर पायेगी कांग्रेस

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है. वही पंजाब कांग्रेस में कलह कम होने का नाम नहीं ले रही है. दरअसल पता हो कि नवजोत सिंह सिद्धू लगातार मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के खिलाफ मो’र्चा खोले हुए हैं. जिस वजह से दोनों के बीच तनाव बना हुआ है और इसी वजह से पंजाब से लेकर दिल्ली तक हलचल मची हुई है.

वही कांग्रेस नेता राहुल गांधी और प्रियंका गांधी ने नवजोत सिंह सिद्धू से मुलाकात के बाद पार्टी की कलह को खत्म करने लिए उन्हें प्रदेश अध्यक्ष बनाने या फिर चुनावी कैंपेन कमेटी की कमान देने का फ़ॉर्मूला रखा है. जिस पर सिद्धू मान गए है लेकिन अब मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अलग मो’र्चा खोलते हुए किसी हिंदू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने जाने की मांग कर कांग्रेस आलाकमान की परेशानी बढ़ा दी है. जिसके बाद अब सवाल उठता है क्या कांग्रेस पार्टी सिद्धू को प्रदेश की कमान देकर ‘हिंदू वि’रोधी’ होने का सियासी ठ’प्पा अपने ऊपर ले पाएगी. जाहिर है कि अब कांग्रेस पार्टी के ऊपर राजनीतिक सं’कट और भी गहरा गया है.

दरअसल पता हो कि कल मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने अपने खेमे के हिन्दू नेताओं को लंच पर बुलाया था. इस दौरान उन्होंने कहा कि हिंदुओं और सिखों को समान प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने के लिए, पार्टी को एक हिंदू को प्रदेश अध्यक्ष के रूप में नामित करना चाहिए. लेकिन अब कांग्रेस आलाकमान ने सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाने या फिर चुनावी कैंपेन कमेटी की कमान देने का फ़ॉर्मूला तय किया है जिस वजह से अब एक बार फिर से कैप्टन अमरिंदर सिंह और नवजोत सिंह सिद्धू  के बीच और तनाव बढ़ सकता ही. साथ ही कांग्रेस पार्टी की भी परेशानी बढ़ सकती है.