सिद्धू का पत्ता काटने के लिए अपने विरोधियों से हाथ मिलाने को तैयार कैप्टन अमरिंदर सिंह

पंजाब में अगले साल विधानसभा चुनाव होने है वही पंजाब कांग्रेस में छिड़ी महाभारत खत्म होने का नाम नहीं ले रही है. जिस वजह से कांग्रेस आलाकमान की परेशानी बनी हुई है. जानकारी के लिए बता दें कि तीन चार दिन पहले कांग्रेस नेता हरीश रावत ने कलह को खत्म करने का फ़ॉर्मूला सुझाते हुए कहा था कि कैप्टन अमरिंदर सिंह पंजाब के मुख्यमंत्री बने रहेंगे. जबकि नाराज चले रहे नवजोत सिंह सिद्धू को काँग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. हालाँकि इस पर अभी तक पार्टी ने कुछ साफ़ नहीं किया है. लेकिन अब इस पर भी बवाल मच गया है.

दरअसल मालूम हो कि मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह और उनके समर्थक सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष बनाये जाने के पक्ष में नहीं है और इसी वजह से कैप्टन दिल्ली में कांग्रेस सांसदों की टीम उतार रहे है. जहाँ पर सांसद सोनिया गाँधी से मिलकर सिद्धू को प्रदेश अध्यक्ष न बनाये जाने की अपील करेंगे. तो दूसरी तरफ अब सिद्धू का पत्ता काटने के लिए कैप्टन अब अपने पुराने विरोधियों से भी हाथ मिलाने की तैयारी में है.

बता दें कि बीती रात पंजाब के सीएम कैप्टन अमरिंदर सिंह के सिसवां फार्म हाउस में हुई बैठक में कैप्टन के पुराने विरोधी प्रताप सिंह बाजवा के बीच बातचीत हुई और सहमति बनी. जिसके बाद मिल रही जानकारी के अनुसार सिद्धू को रोकने के लिए पुराने नेताओ को तवज्जो देने का मुद्दा उठाया जायेगा. जाहिर है कि पंजाब कांग्रेस में जारी घमासान अब आगे क्या मोड़ लेता है इसका पता तो आने वाले समय में ही लगेगा.