बेटा नहीं बना मंत्री तो नाराज हुए संजय निषाद, कह दी ऐसी बात

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपनी एक विशेष प्रतिभा की वजह से जाने जाते हैं. जैसा कि हम लोग जानते हैं कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले अक्सर चौकाने वाले होते हैं और ठीक ऐसा ही इस बार मंत्रिमंडल के विस्तार के भारी फेरबदल में भी देखने को मिला है. इस फेरबदल में स्पष्ट तौर पर यह संकेत मिला है की मंत्रिमंडल के विस्तार के बाद सें सरकार का स्वरूप भी बदल जायेगा और कार्यशैली भी. इसी के साथ ही आपको बता दें कि देश को राजनीति का गेट वे उत्तर प्रदेश को कहा जाता है.

आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में आगामी वर्ष 2022 में विधानसभा चुनाव होने वाला है. इसी चुनाव को ध्यान में रखते हुए ही मंत्रिमंडल में यूपी के सात नए चेहरों को स्थान मिला है. मंत्रिमंडल में शामिल इन सात नए चेहरों में से अपना दल की अनुप्रिया पटेल भी मंत्री बनी हैं. इसी वजह से निषाद पार्टी के हाथ कुछ भी नहीं लगा इसी वजह से निषाद पार्टी बहुत अधिक खफा दिखयी दे रहे हैं.

बता दें कि निर्बल इंडियन शोषीत हमारा आम दल के संस्थापक संजय निषाद ने तंज कसते हुए कहा कि दगाबाज सरकारों का दर्द दिल में है और दिल मुश्किल में है. आईये उनके नफरत के बार में जानते हैं कि उन्होंने ऐसा तंज क्यों कसा है. बता दें कि संजय निषाद ने अपने बेटे और सांसद प्रवीण निषाद को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल नहीं किये जाने पर ऐसी नफरत भरी बातें कही है. इसी के साथ ही उन्होंने प्रश्न करते हुए पूछा है कि अपना दल से अनुप्रिया पटेल को केंद्रीय मंत्रिपरिषद में शामिल किया जा सकता है तो प्रवीण निषाद को क्यों नहीं ? संजय निषाद ने आगे कहा कि निषाद समुदाय के लोग पहले से ही भारतीय जनता पार्टी को छोड़ रहे हैं और पार्टी अगर अपनी गलतियों को नहीं सुधारती है तो आगामी विधानसभा चुनाव में परिणाम भुगतने के लिए तैयार रहें.