ये बन सकते है आज मोदी सरकार में मंत्री, देखिये पूरी लिस्ट

मोदी सरकार ने मंत्रिमंडल विस्तार की तैयारी को पूर्ण कर ली है. सूत्रों के अनुसार कैबिनेट विस्तार का खाका तैयार हो गया है. इसमें राजनीतिक समीकरण के लिहाज के जातीय और क्षेत्रीय संतुलन तो होगा ही, साथ ही युवा, अनुभवी, शिक्षित और ब्यूरोक्रेट व ट्रेक्नोक्रेट भी पसंद में शामिल होंगे. वर्ष 2019 में दूसरी बार सरकार बनाने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहली बार मंत्रिपरिषद का विस्तार करने वाले हैं.

आईये अब हम स्पष्ट तौर पर जान लेते हैं कि कुछ ऐसे नामों के बारे में जो मंत्रिमंडल के विस्तार को लेकर काफी चर्चा में हैं. संभावित नामों में सबसे पहला नाम ज्योतिरादित्य सिंधिया मध्यप्रदेश का मंत्री बनना लगभग तय है. दूसरा नाम है कैलाश विजयवर्गीय का मध्यप्रदेश से ही इनके मंत्री बनने में सस्पेंस बरकरार है. तीसरा नाम आता है सर्वानंद सोनोवाल का असम से इनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. चौथा नाम है नारायण राणे का महाराष्ट्र से इनका भी मंत्री बनना लगभग तय है. पांचवा नाम है प्रीतम मुंडे का महाराष्ट्र से ही इनका भी मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. छठा नाम है राजधानी दिल्ली से मीनाक्षी लेखी का इनके मंत्री बनने में सस्पेंस बरकरार है. सांतवे स्थान पर हैं पशुपति पारस बिहार से इनका मंत्री बनना लगभग तय है. आंठवें स्थान पर नाम है आरसीपी सिंह का बिहार से ही मंत्री बनना लगभग तय है. नौवे स्थान पर नाम आता है राजीव सिंह लल्लन बिहार से ही इनका भी मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. फिर अब दशवें स्थान पर आता है सुशील कुमार मोदी का नाम बिहार से ही है इनका भी मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है. ग्यारहवें नंबर पर आते हैं वरुण गांधी उत्तर प्रदेश से इनके मंत्री बनने में सस्पेंस है. बारहवें नंबर पर नाम है अनुप्रिया पटेल उत्तर प्रदेश से इनका मंत्री बनना लगभग तय है. तेरहवें नंबर पर हैं स्वतंत्र देव सिंह उत्तर प्रदेश से इनके मंत्री बनने में अभी सस्पेंस है. चौदहवें स्थान पर हैं भूपेंद्र यादव राजस्थान से इनके मंत्री बनने में सस्पेंस है. पंद्रहवे स्थान पर हैं दिनेश त्रिवेदी पश्चिम बंगाल से इनका मंत्री बनना लगभग तय माना जा रहा है.

इसी के साथ ही ये भी बता दें कि इस कैबिनेट विस्तार के माध्यम से आगामी वर्ष 2022 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनाव को लेकर भी सन्देश दिया जायेगा. चुनावी राज्यों के नेताओं का कैबिनेट में स्थान मिलनी लगभग तय है.