कोरोना के कारण चली गई इन मंत्रियों की कुर्सी ? देना पड़ा इस्तीफा

कोरोना महामारी के भयावह कहर की वजह से सब कुछ प्रभावित हो गया है. कोरोना के कहर का असर नरेंद्र मोदी सरकार के दुसरे कार्यकाल में हुए मंत्रिमंडल के विस्तार में भी देख सकते हैं. मंत्रिमंडल के इस विस्तार में कोरोना ने कई मंत्रियों की कुर्सी भी छीन ली है. मंत्रिपरिषद के नए मंत्रियों के चयन में योग्यता एवं अनुभव को प्राथमिकता देने के साथ ही क्षेत्रीय और सामाजिक समीकरणों का भी विशेष ध्यान रखा गया है. मंत्रिपरिषद में सहयोगी दलों की भागीदारी के साथ ही युवा चेहरों का प्रतिनिधित्व बढ़ गया है. लेकिन वहीं इस दौरन कई मंत्रियों की छुट्टी भी हो गई है.

आपको बता दें कि लोकतंत्र में ऐसा करना आवश्यक होता है. इस वजह से मंत्रिमंडल में विस्तार को लेकर इस बात को ध्यान में रखा गया है. इसी के साथ ही आईये जान लेते हैं कि किन- किन मंत्रियों की छुट्टी कर दी गई है. कोरोना काल में शिक्षा क्षेत्र पर भी बहुत अधिक प्रभाव पड़ा है. जैसा कि हम सभी लोग जानते हैं कि पिछले करीब डेढ़ वर्ष से विद्यालय बंद ही है. बच्चे घर पर ही शिक्षा प्राप्त कर रहें हैं. ऑनलाइन एजुकेशन पर पूरा जोर चलाया गया है. ऐसे में कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण भुमिका शिक्षा मंत्रालय की भी रही. लेकिन इस मंत्रालय से रमेश पोखरियाल निशंक की छुट्टी हो गई है. ऐसे में धर्मेंद्र प्रधान को शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है.

बता दें कि कोरोना काल में सबसे महत्वपूर्ण स्थान स्वास्थ्य मंत्रालय का रहा है. पिछले डेढ़ वर्षों में देश में जो कुछ भी हो रहा है. उसके केंद्र में स्वास्थ्य मंत्रालय भी रहा है. लेकिन अब डॉक्टर हर्षवर्धन को कैबिनेट से बाहर का रास्ता दिखा दिया गया है. अब मनसुख मंडाविया को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी दी गई है. कोरोना की दूसरी लहर के समय में जिस तरह केन्द्र सरकार पर सवाल उठा है. उसने न सिर्फ देश बल्कि विदेशों में भी मोदी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाया है. ऐसे में कैबिनेट विस्तार में इसका असर देखने को मिला है. इसी के साथ ही आप को ये भी बता दें कि मोदी सरकार के दुसरे कार्यकाल में हुए पहले बड़े फेरबदल में रविशंकर प्रसाद, रमेश पोखरियाल निशंक, हर्षवर्धन और प्रकाश जावेडकर समेत कुल 12 मंत्री को मंत्रिमंडल से बाहर कर दिया गया है.