अमेरिका के निकलते ही अफगानिस्तान में हाहाकार, भारत ने कंधार दूतावास से अपने कर्मचारियों को बुलाया वापस

अमेरिकी सेना ने अफगानिस्तान से निकलना शुरू कर दिया है. लगभग 75 फीसदी अमेरिकी सैनिक वापस लौट चुके हैं. ऐसे में मौका देख कर तालिबान ने अफगानिस्तान के 85 फीसदी हिस्से पर अपना कब्ज़ा कर लिया है. अफगान सैनिक भी तालिबान ल’ड़ाकों से टकराने की हालत में नहीं है. खबर है कि कई अफगान सैनिक देश छोड़ कर भाग गए हैं और ईरान में शरण ले रहे हैं. अफगानिस्तान के हालात काबू से बाहर हो गए हैं जिसके बाद भारत ने कंधार दूतावास से अपने कर्मचारियों को वापस बुला लिया है. हालाँकि दूतावास को बंद नहीं किया जाएगा. स्थानीय कर्मचारी वहां काम करते रहेंगे.

भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची (Arindam Bagchi) ने कहा कि भारत अफगानिस्तान की सुरक्षा पर करीब से नजर बनाए हुए हैं. हमारे लिए अपने कर्मचारियों की सुरक्षा करना सबसे पहले है. इसलिए उन्हें वापस लौटने के निर्देश दिए गए हैं. हालाँकि बागची ने ये भी कहा कि ये अस्थाई व्यवस्था है. भारत के महावाणिज्य दूतावास को बंद नहीं किया गया है. स्थानीय कर्मचारी वहां काम करते रहेंगे. उन्होंने ये भी कहा कि काबुल में भारतीय दूतावास के जरिए वीजा और कांसुलर सर्विस बनाए रखने के लिए व्यवस्था की जा रही है।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक तालिबान ने अफगानिस्तान के 120 से अधिक जिलों में कब्जा कर लिया है. अमेरिकी सैनिक अगस्त तक अफगानिस्तान से पूरी तरह से निकल जायेंगे. जिसके बाद कुछ ही महीनों में तालिबान पूरे अफगानिस्तान पर कब्ज़ा कर लेगा. अफगानिस्तान के साथ भारत के आर्थिक हित जुड़े हुए हैं. भारत ने अफगानिस्तान में बड़े पैमाने पर पुनर्निर्माण कार्यों में निवेश किया हुआ है. अगर तालिबान अफगानिस्तान पर पूरी तरह काबिज हो जाता है तो भारत द्वारा चलाये जा रहे सभी पुनर्निर्माण कार्य ठप्प हो सकते हैं. साथ ही कश्मीर में भी समस्या पैसा हो सकती है क्योंकि पाकिस्तान मौन रूप से तालिबान को समर्थन देता रहा है.