इस महिला अफसर के नाम से ही थर्राते है आतंकी,16 आतंकियों को उतार चुकी है मौत के घाट

आज हम आपको एक ऐसी लेडी अफसर के बारे में बताएंगे जिनके बहादुरी के किस्से सुनकर आप भी तारिफ किए बिना नहीं रह पाएंगे.दरअसल दिन पर दिन जिस तरह से अफसरो के भ्रष्टाचार को खोखला किया जा रहा है वैसे ही लोगों का विश्वास अफसरों से उठता नजर आ रहा है लेकिन आज भी कुछ अफसर ऐसे हैं जो कि अपनी इमानदारी के लिए जाने जाते हैं.

दरअसल हम जो बात कर रहे हैं वो है असम की महिला आईपीएस अफसर संजुक्ता पराशर की है जो कि बहादुरी के लिए बहुत फेमस है. संजुक्ता असम के सोनितपुर जिले में बतौर एसपी तैनात है. वह साल 2006 बैच की आईपीएस अफसर है जो कि बोडो अग्रवादियों के खिलाफ चल रहे ऑपरेशन में अपनी अहम भूमिका निभा रही है.  इस दंबग लेडी की खास बात ये हैं कि उन्होंने 2015 में करीब 16 आंतिकियों को मौत के घाट उतार दिया था और 64 को गिरफ्तार कर लिया था. वहीं 2014 की बात करें उन्होंने 175 व 2013 में 172 आंतकियों को जेल पहुंचाया गया था.

आईपीएस अफसर संजुक्ता पराशर ने दिल्ली के इंद्रप्रस्थ कॉलेज से विज्ञान में ग्रेजुएट किया है. इसके बाद उन्होंने JNU से इंटरनेशनल रिलेशन में PG और US फॉरेन पॉलिसी में MPhil और Phd किया है. आईवीएस संजुक्ता ने सिविल सर्विसेज में 85 रैंक प्राप्त की थी,जिसके बाद उनको मेघालय व असम के लिए चुना था. 2008 में उनकी पोस्टिंग माकुम में असिल्टेंट कमांडेंट के तौर पर हुई थी. एक बार उदालगिरी में बोडो और बांग्लादेशियों के बीच हिंसा हुई थी उसे काबू करने के लिए भेज दिया गया. संजुक्ता ने आईएएस अफसर पुरू गुप्ता के साथ शादी के बंधन में बंधी थी. संजुक्ता और पुरू गुप्ता का एक बेटा भी है.