ना धूप देखी ना बारिश! पिता ने 16 घंटे रिक्शा चलाकर बेटे को पाला और बेटे ने बदले में जो किया वो जानकर आपके भी आंसू निकल पड़ेंगे

पिता अपने बच्चों को खुशी देने के लिए हर संभव प्रयास करता है और अगर बच्चे भी मेहनत कर माता-पिता का नाम रोशन करें तो इससे ज्यादा खुशी की बात कुछ हो ही नहीं सकती. कुछ ऐसा ही किया है एक बेटे ने. पिता ने 16 घंटे रिक्शा चलाकर बेटे को पाला और जब बेटे की बारी आई तो बेटे ने आईएएस अधिकारी बन पिता का नाम गर्व से ऊंचा कर दिया.

मिली जानकारी के मुताबिक, काशी के रहने वाले नारायण जयसवाल की पत्नी का नाम इंदु है और बेटे का नाम गोविंद जयसवाल है. गोविन्द साल 2007 के आईएएस ऑफिसर है और फिलहाल वो इस समय गोवा में सेकेरिटी फूड सेक्रेट्री स्किल डेवलपमेंट सेंटर एजेंट के डायरेक्टर पद पर तैनात हैं. गौरतलब है कि गोविंद जयसवाल की पत्नी चंदना भी गोवा में आईपीएस के पद पर तैनात हैं.

आपको बता दें कि, गोविंद जयसवाल ने अपने जीवन में बहुत उतार-चढ़ाव देखें. गोविन्द जयसवाल के पिता नारायण जयसवाल बताते हैं कि, ‘उनकी तीन बेटियां और एक बेटा है. शुरुआती चरण में किराए के मकान में गुजारा हुआ. 35 रिक्शे थे जिन्हें किराए पर चलाया जाता था. इसके बाद दुख के बादल ऐसे छाए कि पत्नी को ब्रेन हेमरेज हुआ और 20 से ज्यादा रिक्शे बेचने पड़ें लेकिन पत्नी को बचाने में असमर्थ रहें. इसके बाद से स्थितियां दिन प्रतिदिन खराब होती चली गईं.

अपने घर की खराब स्थितियां देखकर गोविंद ने जी जान लगाकर मेहनत की और यूपीएससी परीक्षा में ऑल इंडिया 48वीं रैंक प्राप्त की. गोविंद की बहनें बताती हैं कि गोविंद बचपन से पढ़ाई में अच्छा रहा है. घर में आर्थिक स्थितियों को देखते हुए गोविंद ने चाय और एक टाइम का खाना तक छोड़ दिया था. इसके बाद कहीं से बहु चंदना के बारे में पता चला. दोनों अपनी लाइफ में सेट हो चुके थे तो दोनों की शादी कराई गई.