जैन मुनि शुद्धात्म सागर ने 25 साल का संन्यास छोड़ घर बसाने का किया ऐलान, भक्त हुए हैरान

चातुर्मास व्रत कर रहें मुनिश्री शुद्धात्म सागर जैन ने 25 साल का संन्यास छोड़कर ग्रहस्थ जीवन अपनाने का ऐलान किया है. जैन मुनि की इस घोषणा से विवाद भी छिड़ा है, साथ ही साथ भक्त हैरान भी हैं.

मिली जानकारी के मुताबिक, ये मुनिश्री मध्य प्रदेश के दमोह स्थित बेलाजी जैन तीर्थ में रहकर चातुर्मास व्रत कर रहे और अब इन्होंने अपना संन्यास छोड़कर गृहस्थ जीवन अपनाने का ऐलान किया है. बता दें कि यह बीते 25 साल से अपने संन्यास के दौरान बिना वस्त्र के हैं और अब इन्होंने अपनी महिला मित्र प्रज्ञा दीदी के साथ घर बसाने का ऐलान किया है.

दरअसल, जैन मुनि ने जिले के पटेरा मार्ग स्थित बेला जी जैन तीर्थ क्षेत्र प्रबंधन पर आरोप लगाया है. उन्होंने प्रबंधन पर मारपीट और प्रताड़ना का आरोप लगाया है.

सूत्रों के मुताबिक, जैन मुनि चातुर्मास व्रत कर रहें हैं और बीती 22 जुलाई को बेला जी पहुंचे. इसके कुछ ही दिन पहले आश्रम में आगरा से प्रज्ञा दीदी नाम की एक महिला आई जिसके बाद इन दोनों के बीच बातचीत शुरू होने लगी. वहीं, इस बात का खुलासा होने पर तीर्थ क्षेत्र के आचार्य श्री सिद्धांत सागर महाराज ने इन दोनों को आश्रम से बाहर निकाल दिया.

इस पूरे मामले पर जैन मुनि शुद्धात्म सागर कहते हैं कि, उन्हें बदनाम कर दिया गया है इसलिए अब गृहस्थ जीवन ही अपना लूंगा और प्रज्ञा दीदी के साथ गृहस्थ जीवन को स्वीकार भी कर रहा हूं. गौरतलब है कि इस पर प्रज्ञा दीदी कहती हैं कि, ‘हम सिर्फ मोबाइल पर बात करते थे लेकिन गलत संबंध नहीं बनाए. भेदभाव किया गया और बाद में आश्रम से निकाल दिया गया.’ बताते चलें कि, प्रज्ञा दीदी थानें पहुंची और तीर्थ क्षेत्र प्रबंधन पर उन्हें मंदिर से बाहर करने का आरोप लगाया.